आगरा : जिले में नई पेंशन योजना (NPS) के विरोध में शिक्षकों ने अनोखे तरीके से प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर कॉपियों का मूल्यांकन करते हुए सरकार तक अपनी नाराजगी पहुंचाने की कोशिश की। यह विरोध उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) के बैनर तले किया गया। खास बात यह रही कि शिक्षकों ने प्रदर्शन के दौरान भी अपनी जिम्मेदारियों को नजरअंदाज नहीं किया और छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए मूल्यांकन कार्य जारी रखा।
एनपीएस पर उठाए सवाल
संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. भोज कुमार शर्मा ने कहा कि शिक्षक लंबे समय से पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि एनपीएस में भविष्य की आर्थिक सुरक्षा की गारंटी नहीं है, जिससे शिक्षकों में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि एनपीएस शेयर बाजार पर आधारित योजना है, जो मौजूदा वैश्विक हालात में जोखिम भरी साबित हो सकती है। ऐसे में शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित नहीं माना जा सकता।
1 अप्रैल को मनाया गया काला दिवस
शिक्षकों ने 1 अप्रैल को “काला दिवस” के रूप में मनाते हुए विरोध दर्ज कराया। इस दौरान सभी शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर मूल्यांकन किया और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी। जिला अध्यक्ष लक्ष्मी रानी शर्मा ने कहा कि यह विरोध शिक्षकों के अंदर के असंतोष का प्रतीक है। वहीं जिला मंत्री भीष्म पाल सिंह ने सरकार से जल्द इस मुद्दे पर ठोस निर्णय लेने की मांग की।
छात्रों के हितों का रखा ध्यान
शिक्षक संघ ने स्पष्ट किया कि आंदोलन के बावजूद छात्रों के हितों को किसी भी तरह से प्रभावित नहीं होने दिया जा रहा है। सभी शिक्षक अपनी ड्यूटी निभाते हुए मूल्यांकन कार्य करते रहे।
आगे आंदोलन तेज करने की चेतावनी
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले समय में आंदोलन और तेज किया जाएगा। इस प्रदर्शन में दिनेश चंद्र गुप्ता, इंद्र मोहन शर्मा, दीपक कुमार, सल्तनत फिरोज, सीमा दास, नीलम सिंह, चूड़ामणि सिंह, रामवीर सिंह, सुधीर कुलश्रेष्ठ, सुरेश चाहर और राहुल शर्मा सहित कई शिक्षक शामिल रहे।