अमेठी। जनपद के मुसाफिरखाना थाना क्षेत्र में बुधवार को दिनदहाड़े एक कबाड़ व्यवसाई के अपहरण की खबर ने सनसनी फैला दी। व्यवसाई का दावा है कि उन्हें बंधक बनाकर 8 लाख रुपये की फिरौती वसूली गई, लेकिन पुलिस की शुरुआती जांच और व्यवसाई के बदलते बयानों ने इस पूरे मामले पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
भीखीपुर गांव निवासी कबाड़ व्यवसाई रमन के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 9 बजे वह अपने बच्चों को स्कूल छोड़कर बोलेरो से घर लौट रहे थे। धरौली मोड़ के पास एक सफेद कार ने उन्हें ओवरटेक कर रोका और हथियार के बल पर उन्हें बोलेरो समेत अगवा कर लिया।
व्यवसाई का दावा है कि बदमाशों ने उनके मुनीम हंसराज को फोन किया और फिरौती की मांग की। मुनीम ने बताया कि उसने एचडीएफसी और पीएनबी बैंक से चेक के जरिए कुल 7 लाख 90 हजार रुपये निकाले और बदमाशों द्वारा बताए गए स्थान पर पहुँचाए। फिरौती मिलने के बाद बदमाशों ने रमन को रात करीब 10 बजे छोड़ दिया।
अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) ज्ञानेंद्र सिंह ने इस मामले में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पुलिस के अनुसार:
बयानों में विरोधाभास: रमन ने पहले बोलेरो में 4 लाख 17 हजार रुपये रखे होने की बात कही थी, जो जांच में झूठी पाई गई।
बदलती कहानी: व्यवसाई के बयानों में लगातार बदलाव हो रहे हैं, जिससे पुलिस को 'अपहरण' की थ्योरी संदिग्ध लग रही है।
जांच: हालांकि, बैंक से 8 लाख रुपये निकाले जाने की पुष्टि हुई है, लेकिन पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या यह वास्तव में अपहरण था या कोई आपसी लेनदेन का विवाद।
भले ही पुलिस इसे संदिग्ध मान रही है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वाट (SWAT) और सर्विलांस टीमों को जांच में लगा दिया गया है। पुलिस उन बैंकों के सीसीटीवी फुटेज और मुनीम के पास आए फोन कॉल्स की डिटेल्स खंगाल रही है।