अयोध्या। केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका के साथ किए गए अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Agreement) के खिलाफ गुरुवार को अयोध्या में व्यापक विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) और विभिन्न ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर स्थानीय किसान संगठनों और मजदूर संघों ने इस समझौते को भारतीय कृषि क्षेत्र के लिए "आत्मसमर्पण" करार दिया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस समझौते के तहत भारत ने अमेरिकी कृषि उत्पादों, जैसे कि डेयरी उत्पाद, सोयाबीन तेल और सूखे मेवों के लिए अपने बाजार खोल दिए हैं। अयोध्या के किसान नेताओं का कहना है कि:
स्थानीय बाजार पर संकट: अमेरिकी उत्पादों के आने से स्थानीय किसानों को अपनी फसल का उचित दाम नहीं मिल पाएगा।
सब्सिडी का अंतर: अमेरिका अपने किसानों को भारी सब्सिडी देता है, जिससे उनके उत्पाद सस्ते होते हैं, जबकि भारतीय किसान लागत निकालने के लिए भी संघर्ष कर रहा है।
डेयरी क्षेत्र को नुकसान: दूध और अन्य डेयरी उत्पादों के आयात से ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ टूट जाएगी।
अयोध्या के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और अमेरिकी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कुछ स्थानों पर प्रतीकात्मक रूप से पुतले भी जलाए गए। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सरकार इस "जनविरोधी" समझौते को तुरंत रद्द करे और किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी सुनिश्चित करे।
अयोध्या में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने भी इस प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कॉर्पोरेट घरानों और विदेशी शक्तियों के दबाव में आकर देश के अन्नदाताओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।
विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए अयोध्या प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। प्रमुख चौराहों और सरकारी कार्यालयों के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।