आजमगढ़ (पूर्वांचल): 25 जनवरी को मनाए जाने वाले 'राष्ट्रीय मतदाता दिवस' की पूर्व संध्या पर आजमगढ़ मंडल के कमिश्नर मनीष चौहान (या जो भी वर्तमान पद पर हों) ने मंडल मुख्यालय पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और निर्भीक होकर मतदान करने और दूसरों को प्रेरित करने की शपथ दिलाई।
शपथ का मुख्य उद्देश्य: हर वोट जरूरी
कमिश्नर ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और इसकी शक्ति 'मतदाता' के हाथों में होती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि चुनाव के दौरान हर कर्मचारी को अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभानी चाहिए। शपथ के माध्यम से संदेश दिया गया कि जाति, धर्म, वर्ग या किसी भी प्रलोभन से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में मतदान करना ही एक सच्चे नागरिक की पहचान है।
मतदान ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को विशेष निर्देश
आगामी चुनावों और प्रशासनिक कार्यों के मद्देनजर कमिश्नर ने मतदान ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे लोकतंत्र के प्रहरी हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि गांव-गांव जाकर लोगों को मतदान का महत्व समझाया जाए। चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। जो युवा पहली बार मतदाता बने हैं, उन्हें अपने अधिकार के प्रति जागरूक किया जाए।
मंडल भर में आयोजित हुए कार्यक्रम
कमिश्नर कार्यालय के साथ-साथ कलेक्ट्रेट और अन्य सरकारी दफ्तरों में भी इसी तरह के शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किए गए। अधिकारियों ने अपने हाथों में 'मतदाता जागरूकता' की तख्तियां लेकर लोकतंत्र की मजबूती का संकल्प लिया।