बागपत : जिले में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एक रेप पीड़िता का परिवार सामूहिक रूप से आत्मदाह करने के इरादे से जिलाधिकारी (DM) कार्यालय पहुँच गया। परिवार के हाथों में पेट्रोल की बोतलें देख वहाँ मौजूद लोगों और पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। मौके पर तैनात एसडीएम ज्योति शर्मा की सूझबूझ से एक बड़ी अनहोनी टल गई।
मामला सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र के बिलौचपुरा गांव का है। पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि पुलिस इस मामले में गंभीर नहीं है। उन्होंने थाना प्रभारी (थानेदार) पर बेहद संगीन आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने मुख्य आरोपी डॉक्टर को पकड़ा था, लेकिन 5 लाख रुपये की रिश्वत लेकर उसे छोड़ दिया। अब पुलिस उन पर समझौते का दबाव बना रही है। पीड़िता का आरोप है कि वह इलाज के लिए गांव के ही एक क्लीनिक पर गई थी। वहाँ तैनात डॉक्टर इंतिजार ने उसे धोखे से नशीली गोली खिला दी और फिर उसे अगवा कर हरियाणा ले गया, जहाँ उसके साथ दुष्कर्म किया गया। पीड़िता ने आपबीती बताते हुए कहा कि वह कई दिनों से थाने के चक्कर काट रही है लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो रही।
जैसे ही परिवार ने खुद पर पेट्रोल छिड़कने की कोशिश की, पास ही मौजूद एसडीएम ज्योति शर्मा तुरंत दौड़कर वहाँ पहुँचीं और उनके हाथों से पेट्रोल की बोतल छीन ली। उन्होंने परिवार को शांत कराया और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। एसडीएम की इस सक्रियता की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है। इस मामले के सोशल मीडिया पर तूल पकड़ने के बाद बागपत पुलिस ने अपना पक्ष रखा है। पुलिस के अनुसार, मामला दर्ज किया जा चुका है और विवेचना (जांच) प्रचलित है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।