बहराइच। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्तरीय अभिसरण समिति की बैठक में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना को लेकर बड़ा निर्णय लिया गया है। जनपद के चयनित 38 अनुसूचित जाति बाहुल्य गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए तैयार की गई 'ग्राम विकास योजना' को अनुमोदन प्रदान कर दिया गया है। इन प्रस्तावों को अब भारत सरकार के पीएम-अजय (PM-AJAY) पोर्टल के माध्यम से मुख्यालय भेजा जाएगा।
2025-26 है टर्मिनल वर्ष, समय सीमा में पूरा हो काम
डीएम अक्षय त्रिपाठी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कार्यदायी संस्थाओं और ग्राम पंचायतों को निर्देश दिया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 इस योजना का टर्मिनल (अंतिम) वर्ष है। इसलिए, सभी चयनित कार्यों को इसी वित्तीय वर्ष के भीतर पूर्ण करना अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मानक और गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गांवों में क्या-क्या होंगे विकास कार्य?
प्रत्येक चयनित ग्राम में 20-20 लाख रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी। जिलाधिकारी ने प्राथमिकता वाले कार्यों की सूची जारी की है:
-
जल निकासी: नाली निर्माण और सोंक पिट।
-
प्रकाश व्यवस्था: सोलर स्ट्रीट लाइट और सोलर हाई मास्ट लाइट।
-
स्वच्छता: कम्पोस्ट पिट का निर्माण।
-
बुनियादी ढांचा: आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण और आरसीसी छोटी पुलिया।
-
पेयजल: इंडिया मार्का हैंडपंप की स्थापना।
19,295 पात्र व्यक्तियों को मिलेगा सीधा लाभ
योजना का मुख्य लक्ष्य अनुसूचित जाति की 40 प्रतिशत से अधिक आबादी वाले गांवों का विकास करना है। सर्वे के अनुसार, चयनित गांवों में कुल 19,295 ऐसे व्यक्ति मिले हैं जो अब तक किन्हीं कारणों से सरकारी योजनाओं से वंचित थे। डीएम ने पंचायती राज, शिक्षा, स्वास्थ्य, विद्युत और बैंकिंग सहित सभी विभागों को निर्देश दिया कि इन पात्र व्यक्तियों को जल्द से जल्द विभागीय योजनाओं (जैसे आजीविका मिशन, पेंशन, राशन आदि) से आच्छादित किया जाए।
पोर्टल पर फीडिंग की प्रक्रिया पूरी
जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रद्धा पाण्डेय ने बैठक का संचालन करते हुए बताया कि गांवों में खुली बैठक के माध्यम से डीपीआर (DPR) तैयार की गई थी। ग्राम स्तरीय अभिसरण समिति से अनुमोदन मिलने के बाद, पीएमएजीवाई पोर्टल पर फीडिंग का कार्य भी पूरा कर लिया गया है।
बैठक में उपस्थिति: इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी मुकेश चन्द्र, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी नरेन्द्र तिवारी समेत शिक्षा, महिला कल्याण और विद्युत विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहे।