मंगलवार, 17 मार्च 2026
बहराइच

बहराइच में खेती के साथ लगेंगे 'फूड प्रोसेसिंग' प्लांट: डीएम अक्षय त्रिपाठी ने छोटे किसानों को प्राथमिकता देने के दिए निर्देश

By Uttar World Desk

11 फ़र, 2026 | 06:52 बजे
बहराइच में खेती के साथ लगेंगे 'फूड प्रोसेसिंग' प्लांट: डीएम अक्षय त्रिपाठी ने छोटे किसानों को प्राथमिकता देने के दिए निर्देश

बहराइच। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी की अध्यक्षता में मंगलवार देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान डीएम ने जिले में बागवानी खेती को उद्योगों से जोड़ने के लिए एक नई रणनीति पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि उद्यान विभाग की इस योजना को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के साथ जोड़कर जिले में अधिक से अधिक खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां (Food Processing Units) स्थापित की जाएं।

छोटे और मंझोले किसानों पर विशेष फोकस

डीएम अक्षय त्रिपाठी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि योजना का लाभ केवल बड़े किसानों तक सीमित न रहे। उन्होंने उद्यान विभाग को दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले छोटे और मंझोले किसानों को प्राथमिकता के आधार पर योजना से जोड़ने को कहा। साथ ही, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि जिले के सभी विकास खंडों (Blocks) में समानुपातिक आधार पर इस योजना का क्रियान्वयन हो।

'विष रहित' खेती की ओर बढ़ते कदम

बैठक में डीएम ने बहराइच के किसानों की सराहना करते हुए कहा कि जिले में औद्यानिक खेती (Horticulture) में सराहनीय कार्य हुआ है। किसान अब तेजी से विष रहित (Chemical-free/Organic) खेती को अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब किसानों की उपज को प्रोसेस करने के लिए स्थानीय स्तर पर इकाइयां लगेंगी, तो उन्हें अपनी फसल का वाजिब मूल्य मिलेगा, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा।

क्या है योजना का मुख्य उद्देश्य?

जिला उद्यान अधिकारी दिनेश चौधरी ने बैठक का संचालन करते हुए बताया कि इस कार्यक्रम के तहत निम्नलिखित क्षेत्रों का विस्तार किया जाना है:

  • फल और शाकभाजी: विभिन्न प्रकार के फलों और सब्जियों के क्षेत्र में वृद्धि।

  • पुष्प और मसाला: फूलों की खेती और मसाला उत्पादन को बढ़ावा देना।

  • खाद्य प्रसंस्करण: कच्चे माल (सब्जी/फल) को सीधे बेचने के बजाय उनसे उत्पाद (जैसे अचार, जैम, चिप्स आदि) बनाने वाली इकाइयां लगाना।

बैठक में मौजूद रहे मुख्य अधिकारी

इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य विकास अधिकारी मुकेश चन्द्र, जिला उद्यान अधिकारी दिनेश चौधरी, पीडी डीआरडीए मनीष कुमार, उप कृषि निदेशक विनय कुमार वर्मा सहित नाबार्ड के डीडीएम कैलाश जोशी और प्रगतिशील कृषक ओम प्रकाश मिश्र व देशराज पाण्डेय मौजूद रहे।

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