बहराइच जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने मिहींपुरवा मंडी समिति के अंतर्गत सड़क मरम्मत कार्य में धांधली पाए जाने पर ठेकेदार का पंजीकरण निरस्त कर उसे ब्लैकलिस्ट (काली सूची) में डाल दिया है। यह कार्रवाई मिहींपुरवा के गंगापुर मंडी से सुजौली तक बनने वाली 2.50 किलोमीटर लंबी सड़क की गुणवत्ता में मिली भारी शिकायतों के बाद की गई है। लगभग 67.59 लाख रुपये की लागत से हो रहे इस कार्य में अनियमितता की खबरें जब सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में आईं, तो डीएम ने तुरंत मुख्य अभियंता गिरधारी लाल को स्थलीय जांच के निर्देश दिए।
जांच में जो तथ्य सामने आए, वे चौंकाने वाले थे। सड़क की मरम्मत के लिए स्वीकृत नियमों के अनुसार, नई पत्थर की परत (G-3 स्टोन बैलास्ट) और नई ईंटों की एजिंग लगाई जानी थी, लेकिन ठेकेदार विनीत दीक्षित ने बड़ी चालाकी से पुरानी सामग्री का ही इस्तेमाल किया। मुख्य अभियंता ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि ठेकेदार ने पूरी लंबाई में नया पत्थर डालने के बजाय जेसीबी मशीन से पुराने पत्थरों को ही उखड़वाकर बराबर कर दिया और मिट्टी डालकर रोलर चलवा दिया। सड़क के किनारों पर भी नई ईंटों की जगह पुरानी ईंटें ही लगी मिलीं। ग्रामीणों की शिकायत और रैंडम चेकिंग के दौरान सड़क की मोटाई भी मानक से कम पाई गई, जिसके नीचे पुरानी खड़ंजा सतह साफ दिखाई दे रही थी।
इस खुली धोखाधड़ी और अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन पर कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन ने ठेकेदार विनीत दीक्षित का 'अ' श्रेणी का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही, सरकारी धन के दुरुपयोग और मानक विहीन कार्य के आरोप में अवर अभियंता दिनेश कुमार वर्मा द्वारा थाना मूर्तिहा में ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर (FIR) भी दर्ज कराई गई है। डीएम की इस कार्रवाई से जिले के कार्यदायी विभागों और ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है।