बहराइच में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला वृक्षारोपण, पर्यावरण और गंगा संरक्षण समिति की बैठक में जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को आदेश दिया है कि वर्षाकाल 2026 में होने वाले बड़े पौधारोपण अभियान के लिए अपनी ज़मीन की उपलब्धता के अनुसार कार्ययोजना बनाकर वन विभाग को सौंपें। डीएम ने डीएफओ को यह भी निर्देश दिया कि नर्सरी में उपलब्ध पौधों की प्रजातिवार सूची स्थानीय ग्रुप्स पर साझा की जाए, ताकि विभाग अपनी सुविधा के अनुसार नजदीकी नर्सरी से पौधे प्राप्त कर सकें।
बैठक के दौरान प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) सुंदरेशा ने किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए 'कार्बन प्रोजेक्ट' की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट के तहत किसानों द्वारा किए गए पौधारोपण के बदले उन्हें अतिरिक्त अनुदान मिल सकेगा। इसके साथ ही, जिला पर्यावरण समिति की चर्चा में ठोस अपशिष्ट, ई-वेस्ट और अस्पतालों से निकलने वाले बायो-मेडिकल कचरे के सही निस्तारण पर भी कड़े निर्देश दिए गए। डीएफओ ने अधिकारियों को सुझाव दिया कि वे हर महीने अपने लक्ष्यों और उपलब्धियों की रिपोर्ट निर्धारित प्रपत्रों में भेजें और यदि लक्ष्य पूरा न हो, तो उसका स्पष्ट कारण भी दर्ज करें।
अंत में, जिला गंगा संरक्षण समिति की बैठक में नदियों के संरक्षण और सफाई पर चर्चा की गई। डीएम त्रिपाठी ने जिला परियोजना अधिकारी की संविदा नियुक्ति के निर्देश देने के साथ-साथ यह भी कहा कि आम लोगों को नदियों को स्वच्छ रखने के प्रति जागरूक किया जाए। उन्होंने औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले कचरे की निगरानी बढ़ाने का आदेश दिया ताकि नदियों में प्रदूषण न फैले। इस बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक दुर्गा प्रसाद और मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश कुमार समेत कई जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।