बहराइच से बाराबंकी और फतेहपुर को जोड़ने वाले नए हाईवे प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल गई है। 6969 करोड़ की इस योजना से न केवल बहराइच की कनेक्टिविटी सुधरेगी, बल्कि व्यापार और रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे।
बहराइच। बहराइच के लिए आने वाले दिन विकास की नई इबारत लिखने वाले हैं। केंद्र और राज्य सरकार के साझा प्रयासों से बहराइच-बाराबंकी हाईवे को एक मेगा प्रोजेक्ट के रूप में विकसित किया जा रहा है। 6969 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत वाला यह प्रोजेक्ट अब धरातल पर उतरने को तैयार है।
यह प्रोजेक्ट सिर्फ एक सड़क निर्माण नहीं है, बल्कि एक 'इकोनॉमिक कॉरिडोर' की तरह काम करेगा। बाराबंकी के फतेहपुर और सिरौली गौसपुर से होते हुए यह सीधा बहराइच को जोड़ेगा, जिससे लखनऊ तक का सफर और भी कम समय में पूरा होगा। बहराइच की मंडियों से अनाज और अन्य सामान लखनऊ और दिल्ली तक पहुँचाना व्यापारियों के लिए आसान और सस्ता हो जाएगा। इस हाईवे के किनारे आने वाले गांवों और कस्बों में ज़मीनों की कीमतें बढ़ने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय लोगों को आर्थिक लाभ होगा।
शुरुआती रिपोर्ट के बाद अब स्थानीय प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (PWD) के बीच समन्वय तेज़ हो गया है। सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही इस प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) की प्रक्रिया और सर्वे के अगले चरण शुरू हो सकते हैं। बहराइच के लोग लंबे समय से एक सुरक्षित और तेज़ हाईवे की मांग कर रहे थे, जो अब पूरी होती दिख रही है।
उत्तर वर्ल्ड का नजरिया (Analysis): बहराइच-बाराबंकी मार्ग पर अक्सर लगने वाले जाम और खराब सड़कों से यात्रियों को मुक्ति मिलेगी। यह प्रोजेक्ट बहराइच को पिछड़ा जिला होने के टैग से बाहर निकालने में एक मील का पत्थर साबित होगा।