बहराइच, 03 अप्रैल (उत्तर वर्ल्ड डेस्क): उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। देहात कोतवाली इलाके में एक कलयुगी पति ने अपनी पूर्व पत्नी के साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। आरोपी ने महिला को सरेआम अपनी मोटरसाइकिल के पीछे बांधा और उसे सड़क पर काफी दूर तक घसीटा। इतना ही नहीं, विरोध करने पर उसे बेरहमी से पीटा गया। इस खौफनाक मंजर को देखकर स्थानीय लोग दहल गए और पुलिस को सूचना दी।
क्या है पूरा मामला? (घटनाक्रम)
आज तक की ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना बहराइच के देहात कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की है। आरोपी पति और उसकी पत्नी के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था, जिसके कारण दोनों अलग रह रहे थे।
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हमला: शुक्रवार की दोपहर आरोपी पति अचानक महिला के पास पहुँचा और विवाद करने लगा। गुस्से में आकर उसने महिला के हाथ-पैर बांध दिए और उसे अपनी बाइक के पीछे रस्सी से जकड़ दिया।
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सड़क पर घसीटा: आरोपी ने बाइक की रफ्तार तेज कर दी, जिससे महिला सड़क पर घिसटती चली गई। महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए, लेकिन आरोपी की दरिंदगी कम नहीं हुई।
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भीड़ ने बचाया: स्थानीय निवासियों ने साहस दिखाते हुए बाइक को रुकवाया और महिला को आरोपी के चंगुल से छुड़ाया। इस दौरान आक्रोशित भीड़ ने आरोपी की भी जमकर धुनाई कर दी, जिसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।
पुलिस की कार्रवाई और महिला की हालत
सूचना मिलते ही मौके पर पहुँची देहात कोतवाली पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने पीड़िता को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। महिला के शरीर पर घसीटे जाने के कारण गहरे जख्म आए हैं और उसकी पीठ व पैरों की त्वचा पूरी तरह छिल गई है।
पुलिस अधीक्षक (SP) बहराइच ने बताया, "यह मामला अत्यंत गंभीर है। आरोपी के खिलाफ जानलेवा हमला, महिला की गरिमा को ठेस पहुँचाने और क्रूरता की विभिन्न धाराओं (IPC/BNS) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।"
इलाके में भारी आक्रोश
चिलवरिया और आसपास के इलाकों में इस घटना को लेकर लोगों में भारी गुस्सा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरेआम इस तरह की वारदात होना कानून व्यवस्था को चुनौती देने जैसा है। महिला संगठनों ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की है और पीड़िता के लिए न्याय की मांग की है।
घरेलू हिंसा के बढ़ते मामले: एक सामाजिक चिंता
बहराइच की यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज में महिलाओं के प्रति बढ़ती हिंसा और मानसिक विकृति का भी उदाहरण है। विशेषज्ञों का मानना है कि आपसी विवादों को सुलझाने के बजाय हिंसक रास्ता अपनाना कानून और समाज दोनों के लिए खतरनाक है। 'उत्तर वर्ल्ड' इस घटना की कड़ी निंदा करता है और प्रशासन से मांग करता है कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की जाए।