बहराइच । बहराइच जिले में वन्यजीवों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के अंतर्गत आने वाले मिहींपुरवा इलाके में एक बार फिर तेंदुए के हमले में एक मासूम बच्ची की जान चली गई। घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम और वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है।
मिली जानकारी के अनुसार, घटना मोतीपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव की है। यहाँ एक मासूम बच्ची अपने घर के पास खेल रही थी, तभी पास के गन्ने के खेत में छिपे तेंदुए ने उस पर अचानक हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तेंदुआ बच्ची को जबड़े में दबोचकर गन्ने के खेत की ओर खींच ले गया। परिजनों और ग्रामीणों ने शोर मचाते हुए तेंदुए का पीछा किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। कुछ दूरी पर बच्ची का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। हालांकि, ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से तेंदुए की आवाजाही देखी जा रही थी, जिसकी सूचना विभाग को दी गई थी, लेकिन पिंजरा लगाने या सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने में देरी की गई।
वन विभाग के अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए उचित सरकारी मुआवजे का भरोसा दिया है। डीएफओ (DFO) ने बताया कि इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है और हमलावर तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही, ग्रामीणों को शाम के समय अकेले खेतों की ओर न जाने और बच्चों को घर के अंदर रखने की सलाह दी गई है।