बहराइच में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-927 के चौड़ीकरण को लेकर काम तेज हो गया है। बाराबंकी-बहराइच फोरलेन परियोजना के तहत तहसील कैसरगंज के पांच गांवों की जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया अब अगले चरण में पहुंच गई है।
नगर मजिस्ट्रेट एवं विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी राजेश प्रसाद ने जानकारी देते हुए बताया कि तप्पेसिपाह, आदमपुर, झुकिया, मुस्ताफाबाद और रिठौडा गांवों के लिए धारा-3डी के तहत अधिसूचना जारी की जा चुकी है। इसके साथ ही प्रभावित किसानों से दावे भी प्राप्त कर लिए गए हैं।
जमीन का भौतिक सत्यापन पूरा
अधिकारियों के अनुसार, अधिग्रहण की जा रही जमीन का बाजार मूल्य तय करने के लिए संबंधित क्षेत्रों का भौतिक सत्यापन किया गया। इस दौरान उपजिलाधिकारी कैसरगंज, राजस्व विभाग की टीम, एनएचआई के अधिकारी और भूमि अध्याप्ति विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान यह भी जांचा गया कि जिन भू-खंडों का अधिग्रहण किया जाना है, उनमें कोई निर्माण या अन्य परिसंपत्ति मौजूद है या नहीं। यह प्रक्रिया मुआवजे के सही आकलन के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।
जल्द जारी होगा मुआवजा आदेश
नगर मजिस्ट्रेट ने बताया कि स्थलीय सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही अधिनिर्णय आदेश पारित किया जाएगा। इसके बाद प्रभावित किसानों को उनकी जमीन के बदले मुआवजा देने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
परिसंपत्तियों के मूल्यांकन के निर्देश
अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि अधिग्रहण वाली जमीन पर मौजूद किसी भी परिसंपत्ति का मूल्यांकन विशेषज्ञ विभाग से कराया जाए। इससे मुआवजा प्रक्रिया में किसी तरह की देरी न हो और किसानों को समय पर उचित भुगतान मिल सके।
विकास को मिलेगी रफ्तार
NH-927 के फोरलेन बनने से बाराबंकी से बहराइच के बीच यातायात सुगम होगा और क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। यह परियोजना न सिर्फ सफर को आसान बनाएगी, बल्कि स्थानीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगी।