बहराइच/तेजवापुर: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में विकास के दावों के बीच एक बड़ी आबादी आज भी बदहाल सड़कों पर चलने को मजबूर है। फखरपुर ब्लाक के अंतर्गत तेजवापुर क्षेत्र में वजीरगंज से नंदवल और वजीरगंज से मंझारा तौकली को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग पिछले 6 वर्षों से पूरी तरह जर्जर हो चुका है। लगभग 10 किलोमीटर लंबी यह सड़क अब गड्ढों और जलभराव के कारण तालाब जैसी दिखने लगी है, जिससे हजारों ग्रामीणों का जीवन दूभर हो गया है।
स्कूली बच्चों और मरीजों के लिए बना 'खतरनाक' रास्ता
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, इस मार्ग पर तीन हाईस्कूल-इंटर कॉलेज और कई जूनियर स्कूल स्थित हैं। सड़क की हालत इतनी खराब है कि जब तक बच्चे घर वापस नहीं पहुंच जाते, माता-पिता चिंता में डूबे रहते हैं। कीचड़ और फिसलन की वजह से आए दिन बाइक सवार गिरकर घायल हो रहे हैं।
ग्राम प्रधान याकूब अंसारी ने बताया कि सड़क की बदहाली का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ रहा है। जो एंबुलेंस पहले 30 मिनट में गांव पहुंच जाती थी, उसे अब खराब रास्ते के कारण 1.5 से 2 घंटे लग रहे हैं।
ओवरलोड ट्रकों ने बिगाड़ी सूरत
ग्रामीणों का आरोप है कि बालू खदान का ठेका होने के बाद इस मार्ग पर सैकड़ों की संख्या में ओवरलोड ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉली गुजरते हैं। इसी भारी दबाव के कारण सड़क पर न तो डामर बचा है और न ही गिट्टियां। गर्मी के दिनों में यहां उड़ने वाली धूल स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बनी हुई है।
विधायक ने दिया आश्वासन, विधानसभा में उठेगा मुद्दा
इस मामले पर क्षेत्रीय विधायक ने कहा है कि उन्होंने बहराइच की बैठकों में कई बार इस सड़क और संजय सेतु घाघरा पुल का मुद्दा उठाया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। विधायक ने आश्वासन दिया कि वे अब इस मुद्दे को सीधे विधानसभा में उठाएंगे ताकि हजारों लोगों को इस नरकीय स्थिति से निजात मिल सके।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी (DM) और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जल्द से जल्द सड़क निर्माण की मांग की है।