बाराबंकी : उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव अभी दूर हैं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने अपनी चुनावी मशीनरी को अभी से 'टॉप गियर' में डाल दिया है। विशेष रूप से उन सीटों पर जहां पिछले चुनाव में भाजपा को हार का स्वाद चखना पड़ा था, वहां पार्टी अब किसी भी तरह की कसर बाकी नहीं रखना चाहती। इसी रणनीति के तहत मंगलवार को भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री ने जनपद की तीन प्रमुख विधानसभाओं— रामनगर, जैदपुर और बाराबंकी सदर में मैराथन बैठकें कर संगठन की धार को परखा।
संगठन महामंत्री ने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में जोश भरने के लिए अलग-अलग स्थानों पर बैठकें कीं रामनगर विधानसभा के बिंदौरा स्थित एक मैरिज लॉन में रणनीति तैयार की गई। जैदपुर विधानसभा के मसौली स्थित मैरिज लॉन में कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र दिया गया। बाराबंकी सदर विधानसभा के जिला कार्यालय पर संगठन की मजबूती को लेकर गहन मंथन हुआ।
इन बैठकों में पिछले चुनाव के प्रत्याशी, मंडल अध्यक्ष और बीएलए-वन (BLA-1) विशेष रूप से शामिल हुए, जिनसे जमीनी हकीकत की रिपोर्ट ली गई।
बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु ड्राफ्ट मतदाता सूची की समीक्षा रहा। संगठन महामंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि चुनाव केवल प्रचार से नहीं, बल्कि सही मतदाता सूची से जीते जाते हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि मतदाता सूची में मौजूद हर खामी को अभी दूर किया जाए।कोई भी पात्र मतदाता पंजीकरण से वंचित न रहे। एसआईआर (SIR) अभियान को केवल बूथ अध्यक्ष या प्रवासी की जिम्मेदारी न मानकर, इसे सभी विधायक, पूर्व प्रत्याशी और बड़े पदाधिकारी अपनी सामूहिक जिम्मेदारी समझें।
"वही वास्तव में बड़ा नेता है जिसे अपने बूथ के एक-एक मतदाता की जानकारी हो। जब तक हर नाम सही दर्ज न हो जाए, तब तक चैन से बैठने का समय नहीं है।" — प्रदेश संगठन महामंत्री
बैठक में केवल बूथ मैनेजमेंट ही नहीं, बल्कि भौगोलिक, राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों पर भी चर्चा हुई। संगठन महामंत्री ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचार और नैरेटिव का तथ्यों के साथ प्रभावी ढंग से मुकाबला करें। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और विपक्ष के झूठ को बेनकाब करना ही जीत का मुख्य रास्ता है।
इन बैठकों में भाजपा का भारी-भरकम नेतृत्व मौजूद रहा, जो जिले में पार्टी की गंभीरता को दर्शाता है। बैठकों में मुख्य रूप से क्षेत्रीय अध्यक्ष कमलेश मिश्रा, जिला अध्यक्ष राम सिंह वर्मा, राज्यमंत्री सतीश शर्मा, एमएलसी व जिला प्रभारी अवनीश सिंह पटेल, एमएलसी अंगद सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष राजरानी रावत सहित सैकड़ों मंडल अध्यक्ष और सक्रिय कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
निष्कर्ष: भाजपा की इस सक्रियता ने विपक्षी दलों के खेमे में भी हलचल तेज कर दी है। हारी हुई सीटों पर पार्टी की यह 'माइक्रो-प्लानिंग' संकेत दे रही है कि 2027 के रण के लिए भाजपा बाराबंकी में एक अभेद्य किला तैयार करने में जुट गई है, जिसकी नींव 'मजबूत बूथ और सटीक मतदाता सूची' पर टिकी है।