बस्ती: रंगों के त्योहार होली से पहले बस्ती पुलिस और आबकारी विभाग ने कच्ची शराब के काले कारोबार के खिलाफ 'सर्जिकल स्ट्राइक' शुरू कर दी है। जिले के मुंडेरवा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध शराब बनाने की फैक्ट्रियों को नेस्तनाबूद कर दिया है। इस ऑपरेशन की सबसे बड़ी सफलता इस काले धंधे को संचालित करने वाली एक महिला माफिया की गिरफ्तारी है।
ABP Live की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को क्षेत्राधिकारी रुधौली कुलदीप सिंह यादव और थानाध्यक्ष मुंडेरवा प्रदीप कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस की संयुक्त टीम ने करवल कॉलोनी में अचानक छापेमारी की। अधिकारियों की गाड़ियों का काफिला देख अवैध शराब के कारोबारियों में भगदड़ मच गई। पुलिस ने छापेमारी के दौरान मौके से लगभग 350 लीटर लहन बरामद किया। शराब बनाने के इस कच्चे माल को पुलिस ने विधिक प्रक्रिया के तहत मौके पर ही बहाकर नष्ट कर दिया। टीम ने 15 लीटर तैयार कच्ची शराब और शराब बनाने की भठ्ठियां व अन्य उपकरण जब्त किए हैं। इस अवैध नेटवर्क की मास्टरमाइंड मानी जाने वाली शांति देवी को पुलिस ने धर-दबोचा है। उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जा रहा है।
कार्रवाई केवल मुंडेरवा तक सीमित नहीं रही। बस्ती के छावनी थाना क्षेत्र के माझा इलाके में भी आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। यहाँ सरयू नदी के किनारे छिपाकर रखे गए सैकड़ों लीटर लहन को नष्ट किया गया और बाइक से शराब ले जा रहे एक तस्कर को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।
जिला आबकारी अधिकारी राजेश श्रीवास्तव ने उत्तर वर्ल्ड के माध्यम से जनता से अपील की है कि होली पर केवल अधिकृत सरकारी दुकानों से ही शराब खरीदें। कच्ची शराब जानलेवा हो सकती है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक यह छापेमारी अभियान और भी तेज किया जाएगा।
होली पर मिलावटी और कच्ची शराब अक्सर मौत का कारण बनती है। बस्ती पुलिस की यह सक्रियता सराहनीय है। स्थानीय लोगों को चाहिए कि वे अपने आसपास चल रहे ऐसे अवैध अड्डों की जानकारी पुलिस को गुप्त रूप से दें।