बस्ती | उत्तर वर्ल्ड न्यूज डेस्क: जनपद बस्ती में पिछले 24 घंटों के दौरान कुदरत का दोहरा कहर देखने को मिला है। एक तरफ भीषण आंधी-तूफान ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया, वहीं दूसरी तरफ जिले के अलग-अलग हिस्सों में लगी आग ने किसानों की मेहनत को राख में बदल दिया। पूरे जिले में करोड़ों के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
आंधी का कहर: कॉलेज की छत उड़ी, मार्ग हुए बाधित
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कप्तानगंज: यहाँ आए भीषण तूफान ने एक कॉलेज की छत उड़ा दी, जिससे भारी आर्थिक क्षति हुई है।
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कुदरहा: लालगंज-बनपुर मार्ग पर विशालकाय पेड़ गिरने से घंटों आवागमन ठप रहा। बिजली के तार टूटने से मनोरमा मेले के पास सुरक्षा को लेकर भय का माहौल बना रहा।
आग की त्रासदी: 4 गांवों में फसलें जलकर राख
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जैतापुर व वाल्टरगंज: बिजली के शॉर्ट सर्किट से यहाँ गेहूं की खड़ी फसल में आग लग गई। किसानों ने खुद मोर्चा संभालकर आग बुझाई, लेकिन तब तक साल भर का अनाज स्वाहा हो चुका था।
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बनकटी (खिरुआ व लालगंज): यहाँ के ग्रामीणों ने दमकल विभाग पर देरी से पहुँचने का आरोप लगाया है। स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर बड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
किसानों ने की मुआवजे की मांग: इन सभी घटनाओं से प्रभावित किसानों और स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से तत्काल सर्वे कराने और उचित आर्थिक सहायता प्रदान करने की गुहार लगाई है। कुदरत के इस वार ने बस्ती के ग्रामीण इलाकों की कमर तोड़ दी है।