नजीबाबाद (बिजनौर): नजीबाबाद रेलवे क्रॉसिंग पर बने फ्लाईओवर ब्रिज में सीढ़ी (जीना) का निर्माण न होने के गंभीर मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम को 'अंतिम चेतावनी' देते हुए चार सप्ताह के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट (Action Taken Report) तलब की है।
नजीबाबाद के आदर्श नगर निवासी आरटीआई कार्यकर्ता मनोज शर्मा ने पिछले वर्ष इस मामले की शिकायत आयोग से की थी। शिकायत में बताया गया था कि रेलवे क्रॉसिंग संख्या 480 और 484 पर फ्लाईओवर तो बन गया, लेकिन पर्याप्त बजट होने के बावजूद जनता के चढ़ने-उतरने के लिए सीढ़ियों का निर्माण नहीं कराया गया। इसके चलते बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को मजबूरन रेलवे लाइन पार करनी पड़ती है, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं।
NHRC ने सेतु निगम के प्रमुख सचिव को कड़े निर्देश दिए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि अगले चार सप्ताह के भीतर संतोषजनक जवाब और कार्य योजना प्रस्तुत नहीं की गई, तो मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 13 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पूर्व में जारी किए गए नोटिसों पर विभाग की चुप्पी को आयोग ने गंभीरता से लिया है।
जनता की सुरक्षा दांव पर: रेलवे विभाग पहले ही अपनी रिपोर्ट में कह चुका है कि सीढ़ी न होने के कारण लोग पटरियों के बीच से गुजरते हैं, जो उनकी जान के लिए बड़ा खतरा है। अब NHRC के हस्तक्षेप के बाद उम्मीद जगी है कि सालों से लटका यह निर्माण कार्य जल्द पूरा होगा। उत्तर वर्ल्ड (Uttar World) जनता की समस्याओं को प्रमुखता से उठाता रहेगा।