बुलंदशहर | उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं को लेकर बुलंदशहर में जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने अपनी कमर कस ली है। आगामी 18 फरवरी से शुरू होने वाले इस शैक्षिक महाकुंभ के लिए जिले में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस बार परीक्षा को न केवल नकलविहीन, बल्कि पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए तकनीक और प्रशासनिक चौकसी का एक अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
इस वर्ष बुलंदशहर जनपद से कुल 84,044 छात्र-छात्राएं बोर्ड परीक्षा में अपनी किस्मत आजमाएंगे। शिक्षा विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि शिक्षा के प्रति छात्राओं का उत्साह भी छात्रों के बराबर ही नजर आ रहा है। हाईस्कूल में कुल 45,629 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं, जिनमें 24,611 छात्र और 21,016 छात्राएं शामिल हैं। इंटरमीडिएट में कुल 38,417 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे, जिनमें 20,640 छात्र और 17,777 छात्राएं अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
जिला प्रशासन ने पूरे जिले में 109 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए हैं। इन केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था को इतना पुख्ता किया गया है कि गड़बड़ी की कोई गुंजाइश न रहे। कंट्रोल रूम से लाइव मॉनिटरिंग के लिए राजकीय इंटर कॉलेज (GIC) में एक हाई-टेक कंट्रोल रूम बनाया गया है। यहां से जिले के सभी केंद्रों के सीसीटीवी कैमरों को सीधा कनेक्ट किया जा रहा है। लखनऊ से लेकर जिले के आला अधिकारी एक क्लिक पर किसी भी क्लासरूम की हलचल देख सकेंगे। मजिस्ट्रेटों की फौज को पूरे जनपद को 7 सेक्टर और 14 जोन में बांटा गया है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जोनल, सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती कर दी गई है।
परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए इस बार मानव संसाधन का भी भरपूर उपयोग किया जा रहा है। शिक्षकों की ड्यूटी के लिए 4,000 से अधिक परीक्षकों को मैदान में उतारा जा रहा है। माध्यमिक शिक्षा विभाग के पास शिक्षकों की कमी को देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों की भी मदद ली जा रही है। प्रत्येक केंद्र पर एक मुख्य केंद्र व्यवस्थापक के साथ एक 'अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक' भी तैनात रहेगा, ताकि जवाबदेही तय की जा सके।
जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) विनय कुमार ने स्पष्ट किया है कि तैयारियों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में केंद्रों की भौतिक सुख-सुविधाओं (जैसे- रोशनी, पेयजल और बैठने की व्यवस्था) का दोबारा सत्यापन किया जा रहा है। यदि किसी केंद्र पर मानक पूरे नहीं पाए जाते हैं, तो उन पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।