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बृजभूषण शरण सिंह को दिल्ली हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, ट्रायल पर रोक से इनकार

By Uttar World Desk

29 जन, 2026 | 09:04 बजे
बृजभूषण शरण सिंह को दिल्ली हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, ट्रायल पर रोक से इनकार

बाहुबली नेता बृजभूषण शरण सिंह की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने स्पष्ट कर दिया कि निचली अदालत (राउज एवेन्यू कोर्ट) में चल रही कार्यवाही पर कोई रोक नहीं लगेगी। कोर्ट ने न केवल राहत देने से मना किया, बल्कि बृजभूषण के वकील को कड़ी फटकार भी लगाई।

1. कोर्ट की फटकार: "याचिका डाली है तो बहस क्यों नहीं करते?"

बृजभूषण सिंह की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही और दर्ज FIR पर रोक लगाने की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान जब उनके वकील ने मुख्य वकील की अनुपस्थिति का बहाना बनाकर वक्त मांगा, तो जस्टिस स्वर्ण कांता ने नाराजगी जताते हुए कहा:आप अब तक बहस क्यों नहीं कर रहे हैं? आपने यह याचिका दाखिल की है, लेकिन इसे अब तक एक बार भी बहस के लिए पेश नहीं किया गया। यह आखिरी मौका है, अगली बार बहस नहीं हुई तो याचिका खारिज कर दी जाएगी।

अदालत ने अब अगली सुनवाई के लिए 21 अप्रैल की तारीख तय की है।

2. पूरा मामला एक नजर में

यह विवाद जनवरी 2023 में शुरू हुआ था, जब देश के दिग्गज पहलवानों ने बृजभूषण पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। 6 बालिग महिला पहलवानों ने यौन शोषण और आपराधिक धमकी का आरोप लगाया है। मई 2024 में ट्रायल कोर्ट ने बृजभूषण और सह-आरोपी विनोद तोमर के खिलाफ आरोप (Charges) तय कर दिए थे। उनका दावा है कि जांच पक्षपातपूर्ण है और उन्हें केवल राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया है।

3. 'नाबालिग केस' में मिली थी राहत

यहाँ यह याद दिलाना जरूरी है कि 26 मई 2025 को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने एक अन्य मामले में बृजभूषण को बरी कर दिया था। यह मामला एक नाबालिग पहलवान से जुड़ा था, जो बाद में अपने बयान से पलट गई थी। उस जीत के बाद बृजभूषण ने इसे "सच्चाई की जीत और बजरंगबली का आशीर्वाद" बताया था।

4. घटनाक्रम की समयरेखा (Timeline)

समयघटनाजनवरी 2023पहलवानों ने जंतर-मंतर पर धरना शुरू किया।मई 2023सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज की।मई 2024ट्रायल कोर्ट ने यौन उत्पीड़न के आरोप तय किए।मई 2025नाबालिग पहलवान वाले केस में कोर्ट ने बरी किया।जनवरी 2026हाईकोर्ट का ट्रायल पर रोक लगाने से इनकार।

निष्कर्ष: यद्यपि बृजभूषण एक मामले में बरी हो चुके हैं, लेकिन 6 महिला पहलवानों द्वारा दर्ज मुख्य केस में उन पर तलवार अभी भी लटकी हुई है। राउज एवेन्यू कोर्ट में गवाहों के बयान और साक्ष्यों पर सुनवाई जारी रहेगी।

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