नई दिल्ली: दिल्ली की सड़कों पर अब ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी न होने पर भी आप नियम तोड़कर बच नहीं पाएंगे। दिल्ली पुलिस ने इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है, जिसके तहत पूरी दिल्ली के ट्रैफिक को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंट्रोल करेगा।
ITMS की मुख्य विशेषताएं:
ऑटोमैटिक चालान: सड़कों पर ANPR (Automatic Number Plate Recognition) कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे गाड़ी की नंबर प्लेट को स्कैन करेंगे और रेड लाइट जंप करने या ओवरस्पीडिंग करने पर तुरंत ई-चालान जेनरेट कर देंगे।
स्मार्ट अडैप्टिव सिग्नल्स: ये स्मार्ट ट्रैफिक लाइट्स गाड़ियों की संख्या और उनकी स्पीड के आधार पर खुद अपना समय (Timings) बदल लेंगी। इससे पीक आवर्स में जाम की समस्या कम होगी।
रियल-टाइम अपडेट्स: वाहन चालकों को मोबाइल ऐप्स या डिजिटल बोर्ड के जरिए रियल-टाइम ट्रैफिक अपडेट्स मिलेंगे, ताकि वे कम भीड़ वाला रास्ता चुन सकें।
प्रदूषण पर लगाम: ट्रैफिक जाम कम होने से ईंधन की खपत घटेगी, जिससे दिल्ली के प्रदूषण स्तर में भी सुधार आने की उम्मीद है।
तीन चरणों में होगा लागू:
यह प्रोजेक्ट अगले 2 सालों में तीन चरणों में पूरा किया जाएगा:
पहला चरण (12 महीने के भीतर): 5 प्रमुख कॉरिडोर, 250 स्मार्ट जंक्शन और 271 एनफोर्समेंट पॉइंट्स तैयार होंगे।
दूसरा चरण (18 महीने के भीतर): 7 और कॉरिडोर और 222 जंक्शन जोड़े जाएंगे।
तीसरा चरण (24 महीने के भीतर): 30 अतिरिक्त कॉरिडोर और 620 जंक्शनों के साथ पूरी दिल्ली कवर होगी।
पुलिस की कम होगी जरूरत
इस सिस्टम के आने से सड़कों पर ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की मैनुअल तैनाती कम हो जाएगी। सारा काम मशीनों और डेटा एनालिटिक्स के जरिए होगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार की गुंजाइश भी कम होगी।