नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली से एक बेहद डरावनी तस्वीर सामने आई है। ताजा पुलिस आंकड़ों के मुताबिक, साल 2026 के शुरुआती महीनों में ही बच्चों के गायब होने के मामलों में भारी इजाफा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 1200 से अधिक बच्चे लापता हो चुके हैं, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा अब भी 'अनट्रेस्ड' (जिनका पता नहीं चला) है।
पुलिस के आंकड़े क्या कहते हैं? दिल्ली पुलिस द्वारा जारी डेटा के मुताबिक, लापता होने वाले बच्चों में ज्यादातर की उम्र 12 से 17 साल के बीच है। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें लड़कियों की संख्या लड़कों के मुकाबले अधिक है। पुलिस का कहना है कि वे 'ऑपरेशन मिलाप' के तहत बच्चों को ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन रिकवरी रेट अभी भी चिंता का विषय बना हुआ है।
गायब होने के पीछे के मुख्य कारण:
ह्यूमन ट्रैफिकिंग- आशंका जताई जा रही है कि संगठित गिरोह इन मासूमों को निशाना बना रहे हैं।
अपहरण और जबरन श्रम- कई मामलों में बच्चों को भीख मांगने या मजदूरी के लिए अगवा किया जाता है।
घर से भागना- पढ़ाई के दबाव या पारिवारिक विवाद के कारण भी बच्चे घर छोड़ रहे हैं।
अभिभावकों के लिए चेतावनी: दिल्ली पुलिस और सामाजिक संस्थाओं ने माता-पिता से अपील की है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत 100 या 1098 (Child Helpline) पर कॉल करें।