शुक्रवार, 27 मार्च 2026
देवरिया

देवरिया में पेट्रोल के लिए 'पागलपन': डिब्बों और ड्रमों के साथ पंप पर उमड़ी भीड़, ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर तेल लेने पहुँचे लोग

By Uttar World Desk

26 मा, 2026 | 10:13 बजे
देवरिया में पेट्रोल के लिए 'पागलपन': डिब्बों और ड्रमों के साथ पंप पर उमड़ी भीड़, ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर तेल लेने पहुँचे लोग

देवरिया : प्रदेश में फैली पेट्रोल-डीजल की किल्लत की अफवाह का सबसे भयानक असर देवरिया जिले में देखने को मिल रहा है। यहाँ के पेट्रोल पंपों पर न केवल गाड़ियों की लंबी कतारें लगी हैं, बल्कि लोग घर के बर्तनों, गैलनों और यहाँ तक कि बड़े-बड़े ड्रमों के साथ तेल लेने पहुँच रहे हैं। देवरिया के सलेमपुर और बरहज रोड स्थित पंपों पर स्थिति बेकाबू हो गई है, जहाँ किसान अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में खाली ड्रम लादकर घंटों से लाइन में लगे हैं। प्रशासन की सख्ती के बावजूद लोग किसी भी कीमत पर तेल का स्टॉक जमा करने की होड़ में लगे हैं।

देवरिया का हाल: अफवाहों ने छीना चैन

देवरिया जिले में बुधवार देर रात से ही यह खबर जंगल की आग की तरह फैल गई कि आने वाले हफ्तों तक पेट्रोल की सप्लाई बंद रहेगी। सुबह होते-होते जिले के लगभग हर पेट्रोल पंप पर मेला लग गया। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि लोग अपनी गाड़ियों में तेल डलवाने के बजाय उसे स्टोर करने की कोशिश कर रहे हैं। सलेमपुर क्षेत्र के एक पंप पर तो लोग दूध के केन और पानी की बोतलों में पेट्रोल भरने की जिद करते दिखे, जिससे पंप कर्मियों और जनता के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।

किसानों में सबसे ज़्यादा डर: खेती पर संकट की आशंका

देवरिया एक कृषि प्रधान जिला है और वर्तमान में फसलों की सिंचाई और कटाई का सीजन नजदीक आ रहा है। ऐसे में किसानों को डर है कि अगर डीजल खत्म हो गया तो उनके ट्रैक्टर और पंपिंग सेट खड़े हो जाएंगे। यही वजह है कि देवरिया के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर शहरों की ओर दौड़ पड़े हैं। एक किसान ने बताया, "हमें खबर मिली है कि तेल के दाम ₹150 के पार जाने वाले हैं और स्टॉक खत्म हो रहा है, इसलिए हम 200-200 लीटर के ड्रम भरवाने आए हैं।"

प्रशासन की सख्ती: बोतलों और ड्रमों में तेल देने पर रोक

भीड़ और पैनिक को देखते हुए देवरिया के जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। जिले के सभी पेट्रोल पंपों को स्पष्ट आदेश दिया गया है कि किसी भी व्यक्ति को खुले बर्तन, बोतल या ड्रम में तेल न दिया जाए। केवल वाहनों की टंकी में ही तेल भरा जाएगा। इसके बावजूद, कई जगहों पर लोग पुलिस से उलझते और छिपकर तेल ले जाने की कोशिश करते पाए गए। कई पंपों पर तो तेल खत्म होने के बाद शटर गिरा दिए गए, जिससे लोगों का गुस्सा और भड़क गया।

पंप संचालकों की व्यथा: "सप्लाई है, पर मांग 10 गुना बढ़ी"

देवरिया के पेट्रोल पंप डीलर्स का कहना है कि उनके पास डिपो से तेल आ रहा है, लेकिन जहाँ रोज़ाना 5 हज़ार लीटर की खपत थी, वहाँ अब 50 हज़ार लीटर की मांग आ रही है। पंप मालिक अमित सिंह ने बताया, "लोग समझने को तैयार नहीं हैं। वे डरे हुए हैं और बेवजह स्टॉक कर रहे हैं। अगर इसी तरह मांग बनी रही तो कोई भी डिपो सप्लाई पूरी नहीं कर पाएगा।"

निष्कर्ष: अफवाहों से बचें और कानून का पालन करें

देवरिया की यह स्थिति पूरे प्रदेश के लिए एक चेतावनी है। प्रशासन ने लोगों से बार-बार अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और बेवजह तेल का स्टॉक न करें। यह न केवल सप्लाई चेन को प्रभावित कर रहा है, बल्कि घरों में भारी मात्रा में ज्वलनशील तेल रखना एक बड़े हादसे को दावत दे सकता है।

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