इटावा। उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहाँ पिछले दो दिनों से लापता छात्र मनीष यादव का शव रेलवे ट्रैक पर क्षत-विक्षत अवस्था में मिला है। शव की स्थिति इतनी भयावह थी कि वह दो हिस्सों में कटा हुआ था। परिजनों ने मनीष की हत्या कर शव को ट्रैक पर फेंकने का आरोप लगाया है ताकि इसे आत्महत्या का रूप दिया जा सके। इस घटना के बाद से ही यादव नगर और आसपास के इलाकों में भारी आक्रोश है और ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए विरोध प्रदर्शन किया है।
कोचिंग जाने के बाद से था लापता
जानकारी के अनुसार, मनीष यादव (उम्र लगभग 19 वर्ष) स्नातक का छात्र था और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। दो दिन पहले वह घर से कोचिंग के लिए निकला था, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने काफी तलाश की और स्थानीय पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआती जांच में ढिलाई बरती, जिसके कारण अपहरणकर्ताओं या हमलावरों को छात्र को नुकसान पहुँचाने का मौका मिल गया।
हत्या या हादसा? परिजनों का गंभीर आरोप
शुक्रवार सुबह जसवंतनगर थाना क्षेत्र के पास रेलवे ट्रैक पर ग्रामीणों ने एक शव पड़ा देखा, जिसकी पहचान मनीष के रूप में हुई। मनीष का शरीर बीच से कटा हुआ था। परिजनों का कहना है कि मनीष का किसी से कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं था, लेकिन जिस तरह से शव मिला है, वह साफ तौर पर सोची-समझी हत्या की ओर इशारा करता है। उनका दावा है कि हत्यारों ने पहले उसे मौत के घाट उतारा और फिर साक्ष्य मिटाने के लिए उसे ट्रैक पर रख दिया ताकि यह ट्रेन की चपेट में आने का मामला लगे।
पुलिस की जांच और सुरक्षा व्यवस्था
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने आश्वासन दिया है कि मामले की तहकीकात के लिए कई टीमें गठित की गई हैं और सर्विलांस के जरिए मनीष के आखिरी कॉल रिकॉर्ड्स खंगाले जा रहे हैं। इलाके में बढ़ते तनाव को देखते हुए रेलवे स्टेशन और ट्रैक के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि मौत की सही वजह साफ हो सके।