फर्रुखाबाद: अगर आप किसी से रंजिश निकालने के लिए पुलिस में झूठी शिकायत दर्ज कराते हैं, तो अब आपको सावधान होने की ज़रूरत है। फर्रुखाबाद की एक अदालत ने झूठी सूचना देकर निर्दोषों को फंसाने के मामले में वादी को ही जेल की सजा सुनाकर एक बड़ा उदाहरण पेश किया है।चुनूपुर गढ़िया के रहने वाले उदयवीर ने 1 मई 2020 को चार स्थानीय लोगों के खिलाफ मारपीट और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई थी। उदयवीर ने इस मामले में SC-ST एक्ट के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।
मामले की सुनवाई अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश अभिनितम उपाध्याय की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान मुख्य गवाह धीरेश ने शपथपत्र देकर कोर्ट को बताया कि यह FIR पूरी तरह झूठी थी और राजनीतिक द्वेष के कारण दर्ज कराई गई थी। अदालत ने इसे न्यायपालिका के समय की बर्बादी और निर्दोषों का उत्पीड़न माना और वादी उदयवीर के खिलाफ ही दांडिक वाद दर्ज करने का आदेश दे दिया। कानूनी शिकंजा कसता देख उदयवीर ने अदालत में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। न्यायालय ने उदयवीर को दोषी करार देते हुए ये सजा सुनाई दोषी को एक महीने के कारावास की सजा,1000 रुपये का जुर्माना और जुर्माना न भरने पर 10 दिन की अतिरिक्त कैद काटनी होगी।
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