नई दिल्ली/फिरोजाबाद: अपराध की दुनिया में कभी-कभी ऐसी कहानियाँ सामने आती हैं जो कल्पना से भी परे होती हैं। दिल्ली के पीरागढ़ी इलाके में हाल ही में एक कार के भीतर तीन शव मिलने से सनसनी फैल गई थी। शुरुआत में यह मामला एक सामान्य दुर्घटना जैसा लग रहा था, लेकिन दिल्ली पुलिस की गहरी तफ्तीश ने एक ऐसे सीरियल किलर का चेहरा बेनकाब किया है, जिसने 'लालच' को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया।
72 साल का कातिल और तंत्र-मंत्र का जाल इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड 72 वर्षीय कमरुद्दीन है। पुलिस जांच के अनुसार, कमरुद्दीन खुद को एक सिद्ध तांत्रिक बताता था और भोले-भाले लोगों को 'धनवर्षा' या 'पैसा दोगुना' करने का झांसा देता था। पीरागढ़ी केस में भी उसने लूट के इरादे से तीन लोगों को अपने जाल में फंसाया। लोनी से लौटते समय उसने उन्हें प्रसाद के नाम पर 'ज़हरीले लड्डू' खिला दिए, जिससे उनकी मौत हो गई।
फिरोजाबाद से पुराने रिश्तों का खुलासा दिल्ली पुलिस आरोपी को लेकर उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद पहुंची है, जहाँ उसके काले कारनामों का पुराना इतिहास रहा है। गौरतलब है कि मई 2025 में फिरोजाबाद के मक्खनपुर में भी दो व्यक्तियों, रामनाथ और पूरन की लाशें रहस्यमयी परिस्थितियों में मिली थीं। उस समय भी घटनास्थल पर पूजा की सामग्री और लड्डू बरामद हुए थे। कमरुद्दीन उस मामले में जेल जा चुका था और फिलहाल जमानत पर बाहर आकर फिर से खूनी खेल खेल रहा था।
सावधानी ही बचाव है यह घटना समाज के लिए एक बड़ा सबक है कि अंधविश्वास और रातों-रात अमीर बनने का शॉर्टकट हमेशा जानलेवा साबित होता है। पुलिस फिलहाल आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने देश के अन्य हिस्सों में भी ऐसी वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं। कानून की पकड़ अब इस 'ज़हरीले तांत्रिक' पर मजबूत हो चुकी है, लेकिन सवाल वही है—क्या हम अंधविश्वास से बाहर निकल पाएंगे?