मंगलवार, 17 मार्च 2026
गाजियाबाद

गाजियाबाद: 9 पन्नों की डायरी, अधूरी ख्वाहिशें और 'कोरिया' का जुनून, 3 बहनों की खौफनाक मौत की पूरी कहानी

By Uttar World Desk

07 फ़र, 2026 | 09:02 बजे
गाजियाबाद: 9 पन्नों की डायरी, अधूरी ख्वाहिशें और 'कोरिया' का जुनून, 3 बहनों की खौफनाक मौत की पूरी कहानी

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की 'भारत सिटी' सोसाइटी में तीन नाबालिग बहनों की मौत ने पूरे देश को सन्न कर दिया है। 16, 14 और 12 साल की तीन सगी बहनों ने अपनी जान देकर डिजिटल दुनिया के उस अंधेरे पक्ष को उजागर किया है, जो अक्सर माता-पिता की नजरों से ओझल रहता है। पुलिस को मौके से 9 पन्नों की एक डायरी मिली है, जिसमें उनकी तन्हाई और टूटे हुए सपनों की दर्दनाक दास्तां दर्ज है।

गाजियाबाद के लोनी इलाके में रहने वाली तीन बहनों—निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) ने बीते मंगलवार की रात सोसाइटी की नौवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। शुरुआती जांच में सामने आया है कि तीनों बहनें कोरियन कल्चर (K-Drama और K-Pop) और ऑनलाइन गेमिंग की बुरी तरह आदी थीं।

पुलिस को जो 9 पन्नों की डायरी मिली है, उसकी शुरुआत "We love Korean, love love love... Sorry" से होती है। डायरी के पन्ने बताते हैं कि बच्चियों ने लिखा था कि वे भारतीय लड़कों से शादी नहीं करना चाहती थीं, उन पर भविष्य और शादी को लेकर दबाव था। डायरी में लिखा है, "हमें शिनचैन, डोरेमोन और टीवी सीरियल्स नहीं देखने दिए जाते, हम बहुत अकेला महसूस कर रही हैं।" बच्चियों ने बार-बार अपने पिता को संबोधित करते हुए 'सॉरी पापा' लिखा है।

पुलिस पूछताछ में पिता चेतन कुमार ने बताया कि बच्चियां दिन-भर मोबाइल और कोरियन ऐप्स में डूबी रहती थीं। वे खुद को 'कोरियन प्रिंसेस' समझने लगी थीं और कोरिया जाने की जिद करती थीं। करीब 10 दिन पहले पिता ने उनके मोबाइल फोन छीन लिए थे और उनका सोशल मीडिया अकाउंट भी डिलीट करवा दिया था। फोन छिनने के बाद से ही तीनों बहनें डिप्रेशन में थीं।

पुलिस की जांच में परिवार के 'अजीब' ढांचे की बात भी सामने आई है। पिता चेतन कुमार की तीन पत्नियां हैं और तीनों आपस में सगी बहनें हैं। पुलिस को शक है कि बच्चियां किसी 'टास्क बेस्ड' ऑनलाइन गेम का हिस्सा थीं, जिसमें बीच वाली बहन (प्राची) खुद को 'कमांडर' कहती थी। साल 2015 में भी चेतन कुमार की एक लिव-इन पार्टनर की संदिग्ध हालत में गिरकर मौत हुई थी, जिसे उस वक्त आत्महत्या मानकर केस बंद कर दिया गया था।

पुलिस ने अब मां का फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है और उन दो मोबाइलों को भी ट्रेस करने की कोशिश कर रही है जिन्हें पिता ने बेच दिया था।

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