गाजियाबाद/लोनी: गाजियाबाद के लोनी में मशहूर यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर सलीम वास्तिक पर हुए जानलेवा हमले के मामले में यूपी पुलिस ने अपनी कार्रवाई पूरी कर दी है। हमले में शामिल दोनों सगे भाई, ज़ीशान और गुलफ़ाम, अलग-अलग मुठभेड़ में ढेर हो चुके हैं। इस बीच, आरोपियों के पिता का एक भावुक और दर्दनाक बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने बेटों के इस अंजाम पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
बता दें कि 27 फरवरी 2026 को लोनी बॉर्डर इलाके में स्थित सलीम वास्तिक के ऑफिस में घुसकर ज़ीशान और गुलफ़ाम ने उन पर हमला किया था। सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि कैसे दोनों भाइयों ने करीब 4 मिनट तक सलीम पर चाकुओं से वार किए और उनका गला रेतने की कोशिश की। सलीम वास्तिक अक्सर अपने वीडियो में इस्लामिक कुरीतियों और कट्टरपंथ के खिलाफ बोलते थे, जिसे इस हमले की मुख्य वजह माना जा रहा है।
यूपी पुलिस की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत लोनी पुलिस और क्राइम ब्रांच ने आरोपियों की तलाश शुरू की। 1 मार्च को पुलिस ने ज़ीशान को घेर लिया, जहाँ जवाबी फायरिंग में वह मारा गया। ज़ीशान की मौत के ठीक दो दिन बाद, 3 मार्च की रात को पुलिस की दूसरे भाई गुलफ़ाम से मुठभेड़ हुई, जिसमें वह भी ढेर हो गया।
दोनों बेटों के शव लेने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे पिता बुनियाद अली पूरी तरह टूट चुके थे। उन्होंने कहा, "मेरे बेटों ने जो किया वह गलत था, लेकिन पुलिस अगर उन्हें मारती नहीं और गिरफ्तार कर लेती तो बेहतर होता। उन्हें जेल भेजा जाता और देश की अदालत उनके गुनाहों का फैसला करती।"
पिता ने आगे कहा कि उनके बेटे कैसे इस रास्ते पर निकल गए, उन्हें भनक भी नहीं लगी। अब परिवार में सिर्फ बूढ़े मां-बाप और गुलफ़ाम की विधवा पत्नी व दो मासूम बच्चे बचे हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि इस हमले में परिवार के किसी और सदस्य का कोई हाथ नहीं था।
दूसरी ओर, दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती सलीम वास्तिक की हालत में अब धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। सोशल मीडिया पर उनकी एक वीडियो क्लिप सामने आई है जिसमें वह होश में दिख रहे हैं और उन्होंने अपनी आंखें खोली हैं। हालांकि, गहरे ज़ख्मों के कारण वह अभी भी डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में हैं।