गोंडा : गोंडा की जिला अदालत ने 13 साल पुराने जानलेवा हमले के एक मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने गोंडा नगर पालिका परिषद के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा नेता रूपेश कुमार उर्फ निर्मल श्रीवास्तव और उनके साथी त्रियुगीनारायण गुप्ता को दोषी करार देते हुए 15-15 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
क्या था 13 साल पुराना मामला? यह पूरी घटना 10 सितंबर 2012 की है। भाजपा जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि सुशील शुक्ला के भाई गौरव शुक्ला अपने काजीदेवर स्थित घर के बाहर बैठे थे। तभी निर्मल श्रीवास्तव और त्रियुगीनारायण गुप्ता वहां पहुंचे और पुरानी रंजिश में जान से मारने की नीयत से उन पर फायरिंग कर दी। गोली गौरव शुक्ला के पैर में लगी थी, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अगले दिन मोतीगंज थाने में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था।
अदालत का फैसला: जिला जज दुर्गा नारायण सिंह की अदालत ने गवाहों के बयानों और सबूतों के आधार पर दोनों को दोषी पाया। सजा के साथ-साथ दोनों दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। फैसला सुनाए जाने के तुरंत बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर गोंडा मंडलीय कारागार (जेल) भेज दिया है।
न्याय की जीत: मुकदमे की पैरवी अभियोजक बसंत शुक्ला और मोतीगंज थाने की टीम ने मजबूती से की। फैसले के बाद सुशील शुक्ला ने न्यायालय का आभार जताते हुए कहा कि आज 13 साल बाद न्याय की जीत हुई है और उनके परिवार को इंसाफ मिला है।