गोंडा जिले में एक निजी स्कूल में छात्रा के साथ हुई छेड़खानी की घटना के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में स्कूल अवैध पाया गया, जिसके बाद उसे तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है।
गोंडा। उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से शिक्षा जगत को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ एक निजी स्कूल में छात्रा के साथ छेड़खानी का मामला प्रकाश में आने के बाद जब प्रशासन ने जांच शुरू की, तो एक और बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया। जांच में पता चला कि यह स्कूल बिना किसी वैध मान्यता के अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था।
छेड़खानी की घटना से मचा बवाल मामला तब तूल पकड़ा जब स्कूल की एक छात्रा ने छेड़खानी की शिकायत की। परिजनों के हंगामे और पुलिस की सक्रियता के बाद स्कूल प्रशासन सवालों के घेरे में आ गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीम ने स्कूल के दस्तावेजों की पड़ताल शुरू की।
जांच में खुली पोल: अवैध था संचालन अधिकारियों ने जब स्कूल की मान्यता से संबंधित कागजात मांगे, तो स्कूल प्रबंधन कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका। बेसिक शिक्षा विभाग की जांच में यह साफ हो गया कि स्कूल का संचालन नियमों के विरुद्ध और बिना किसी सरकारी अनुमति के किया जा रहा था। यह खुलासा होते ही हड़कंप मच गया कि इतने समय से बच्चों का भविष्य एक अवैध संस्थान के भरोसे था।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई: स्कूल सील शिक्षा विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्कूल को तत्काल प्रभाव से बंद करवा दिया और मुख्य द्वार पर सरकारी ताला (सील) जड़ दिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा।