गोंडा: देवीपाटन मंडल मुख्यालय पर आयोजित 'मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद' सोमवार को महज एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह महिलाओं के संघर्ष और सिस्टम की लापरवाही का गवाह बना। अपर आयुक्त मीनू राणा की अध्यक्षता में आयोजित इस जनसुनवाई में 11 महिलाओं ने अपनी आपबीती सुनाई, जिसमें पुलिस की सुस्ती और भू-माफियाओं के आतंक के मामले प्रमुख रहे।
पति की मौत के बाद वरासत के लिए दर-दर भटक रही वंदना
सदर तहसील के ग्राम परेड सरकार की वंदना देवी का मामला सिस्टम की संवेदनहीनता को दर्शाता है। वंदना ने बताया कि 17 अप्रैल 2025 को उनके पति के निधन के बाद उन्होंने वरासत के लिए आवेदन किया था। लेकिन, लेखपाल और तहसील के चक्कर काटने के बाद भी सिर्फ एक छोटी सी नाम की त्रुटि बताकर उनका आवेदन निरस्त कर दिया गया। ग्राम प्रधान की पुष्टि के बावजूद वंदना को न्याय नहीं मिल सका, जिस पर अपर आयुक्त ने कड़ा संज्ञान लिया।
दबंगों के आगे बेबस नेहा: घर में घुसकर मारपीट, फिर भी पुलिस मौन?
कटरा बाजार की नेहा तिवारी ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए बताया कि उनकी खरीदी गई भूमि पर दबंगों ने जबरन कब्जे का प्रयास किया। विरोध करने पर 27 नवंबर 2025 को उनके घर में घुसकर न केवल मारपीट की गई, बल्कि अभद्रता की सीमाएं भी लांघ दी गईं। नेहा का कहना है कि बार-बार गुहार लगाने के बाद भी पुलिस ने अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की है।
अपर आयुक्त के कड़े निर्देश: 'तुरंत हो कार्रवाई'
महिलाओं की इन गंभीर समस्याओं को सुनकर अपर आयुक्त मीनू राणा ने अधिकारियों के प्रति सख्त रुख अपनाया। उन्होंने मौके पर ही मौजूद विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देशित किया कि वरासत और भूमि विवाद के मामलों में हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिस को भी निर्देशित किया कि महिला उत्पीड़न के मामलों में तुरंत एफआईआर दर्ज कर दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।