सोम‌वार, 30 मार्च 2026
गोरखपुर

डीडीयू गोरखपुर का जलवा: पूजा तिवारी बनीं डिप्टी कलेक्टर और पुष्पराज बने जेलर; UP PCS में विश्वविद्यालय के छात्रों ने गाड़ा झंडा

By Uttar World Desk

30 मा, 2026 | 09:09 बजे
डीडीयू गोरखपुर का जलवा: पूजा तिवारी बनीं डिप्टी कलेक्टर और पुष्पराज बने जेलर; UP PCS में विश्वविद्यालय के छात्रों ने गाड़ा झंडा

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के घोषित परिणामों में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (DDU) के छात्रों ने अपनी मेधा का परचम लहराया है। विश्वविद्यालय के दो होनहार छात्रों, पूजा तिवारी और पुष्पराज मिश्रा ने अपनी कड़ी मेहनत से प्रशासनिक सेवाओं में उच्च स्थान प्राप्त किया है। जहाँ पूजा तिवारी का चयन प्रतिष्ठित डिप्टी कलेक्टर (SDM) के पद पर हुआ है, वहीं पुष्पराज मिश्रा ने जेलर का पद हासिल कर विश्वविद्यालय और गोरखपुर का मान बढ़ाया है।

पूजा तिवारी: सपनों को मिली 'डिप्टी कलेक्टर' की उड़ान (SDM Selection): पूजा तिवारी की सफलता की कहानी धैर्य और अनुशासन की मिसाल है। डीडीयू से अपनी पढ़ाई पूरी करने वाली पूजा ने हमेशा से ही सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य रखा था। उनकी इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार में जश्न का माहौल है, बल्कि विश्वविद्यालय के शिक्षकों में भी गर्व की लहर है। डिप्टी कलेक्टर के रूप में चयन होना किसी भी अभ्यर्थी के लिए सबसे बड़ा सपना होता है और पूजा ने इसे सच कर दिखाया है। अब वह प्रदेश के विकास और प्रशासनिक सुधारों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

पुष्पराज मिश्रा: खाकी के प्रति जुनून ने बनाया 'जेलर' (Jailer Selection): वहीं, पुष्पराज मिश्रा ने जेल विभाग में जेलर के पद पर चयनित होकर अपनी एक अलग पहचान बनाई है। पुष्पराज का झुकाव हमेशा से ही अनुशासनात्मक सेवाओं की ओर रहा है। डीडीयू कैंपस से निकलकर इस मुकाम तक पहुँचना उनके संघर्षों का सुखद परिणाम है। पुष्पराज की इस कामयाबी से उनके गृह जनपद और विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।

विश्वविद्यालय में गौरव का पल (Pride of DDU Gorakhpur): विश्वविद्यालय प्रशासन और कुलपति ने दोनों मेधावी छात्रों को इस शानदार सफलता पर बधाई दी है। कैंपस में छात्रों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि कैसे सही मार्गदर्शन और कड़ी मेहनत से सरकारी सेवाओं के शिखर तक पहुँचा जा सकता है। पूजा और पुष्पराज की यह जोड़ी अब गोरखपुर विश्वविद्यालय के आगामी बैचों के लिए एक प्रेरणा स्रोत (Inspiration) बन गई है।

निष्कर्ष (The Conclusion): गोरखपुर के इन दो सितारों ने साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी भी बाधा को पार कर सकती है। चाहे वो डिप्टी कलेक्टर जैसा शक्तिशाली पद हो या जेलर जैसा चुनौतीपूर्ण दायित्व, इन युवाओं ने अपनी काबिलियत के दम पर इन्हें हासिल किया है। uttarworld.com पूजा तिवारी और पुष्पराज मिश्रा को उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर सलाम करता है।

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