गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर में घरेलू गैस (LPG) की किल्लत ने हिंसक रूप ले लिया है। शहर की एक गैस एजेंसी के बाहर सिलेंडर लेने आए ग्राहकों के बीच मामूली बात पर शुरू हुई बहस खूनी संघर्ष में बदल गई। इस दौरान लोगों ने एक-दूसरे पर जमकर लात-घूंसे चलाए, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, घटना गोरखपुर के एक स्थानीय गैस वितरण केंद्र की है। यहाँ सुबह से ही सैकड़ों की संख्या में लोग खाली सिलेंडर लेकर कतार में खड़े थे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि विवाद तब शुरू हुआ जब एक व्यक्ति ने लाइन तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की। देखते ही देखते वहां मौजूद अन्य ग्राहकों ने इसका विरोध किया और धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे लोग एक-दूसरे को जमीन पर पटककर पीट रहे हैं। कुछ लोग बीच-बचाव करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि अन्य डरे-सहमे हुए वहां से दूर भाग रहे हैं। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि गैस एजेंसी के कर्मचारियों को दफ्तर के अंदर से कुंडी लगानी पड़ी।
मारपीट की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया। इस झड़प में दो-तीन लोगों को मामूली चोटें आई हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के लिए भेजा गया है।
गोरखपुर और आसपास के जिलों में पिछले एक हफ्ते से गैस की सप्लाई आधी से भी कम हो गई है। लोगों का आरोप है कि वे रात-रात भर जागकर नंबर लगा रहे हैं, लेकिन जब ट्रक आता है तो कुछ ही मिनटों में स्टॉक खत्म हो जाता है। युद्ध की अफवाहों ने इस डर को और बढ़ा दिया है, जिससे लोग हिंसक व्यवहार पर उतर आए हैं।
गोरखपुर प्रशासन ने इस घटना के बाद गैस एजेंसियों पर पुलिस बल तैनात करने का निर्णय लिया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति लाइन में शांति भंग करेगा या मारपीट करेगा, तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।