हापुड़ : जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में हुए दर्दनाक ट्रक हादसे में शहीद हुए भारतीय सेना के जवान रिंखिल (रिंकल) बालियान का पार्थिव शरीर शनिवार को उनके ग्राम भटैल (हाफिजपुर थाना क्षेत्र) पहुंचा। राजकीय सम्मान के साथ आयोजित अंतिम संस्कार के दौरान एक बहुत ही हृदयस्पर्शी और भावुक क्षण देखने को मिला जब रिंखिल के 1 साल के बेटे राघव ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। यह पल वहां मौजूद सभी लोगों के लिए बेहद भावनात्मक था।
रिंखिल बालियान भारतीय सेना के जवान थे और 22 जनवरी को जम्मू-कश्मीर में एक सेना ट्रक दुर्घटना में शहीद हो गए थे। हादसे में कुल 10 जवानों ने अपनी शहादत दी थी और 11 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। रिंखिल के निधन की खबर जैसे ही गांव पहुंची, आसपास के लोगों में शोक की लहर दौड़ गई।
शहीद के पार्थिव शरीर के गांव में पहुंचने पर सैकड़ों ग्रामीण, रिश्तेदार और सेना के अधिकारियों ने भारत माता की जय के नारे लगाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की तैयारियाँ की गईं और जब एक साल के बच्चे ने अपने पिता को अंतिम विदाई दी, तो हापुड़ के जिलाधिकारी अभिषेक पांडे भी अपने आंसू रोक नहीं पाए। कई अधिकारी, ग्रामीण और रिश्तेदार उस दृश्य से गहरे भावोन्मत्त हो गए।
परिजनों ने बताया कि रिंखिल के पीछे उनकी पत्नी रिंकी, 3 साल की बेटी वास्तिका और 1 साल का बेटा राघव हैं। शहीद के माता-पिता और पूरा परिवार इस दर्दनाक क्षण से गुजर रहा है, लेकिन रिंखिल की शहादत और बेटे का यह साहसिक कदम सभी के दिलों पर गहरा प्रभाव छोड़ गया है।