Toronto (Canada) : कनाडा और अमेरिका के बीच चल रही जुबानी जंग अब एक नए मोड़ पर आ गई है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिकी दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत के दौरान अपने किसी भी बयान पर माफी नहीं मांगी है और न ही वे पीछे हटे हैं।
क्या था पूरा मामला? दरअसल, पिछले हफ्ते दावोस में कार्नी ने कहा था कि दुनिया का पुराना 'नियमों वाला दौर' अब खत्म हो चुका है। इस बात पर ट्रंप आगबबूला हो गए थे और उन्होंने यहाँ तक कह दिया था कि "कनाडा सिर्फ अमेरिका की वजह से अस्तित्व में है।" ट्रंप ने धमकी दी थी कि अगर कनाडा ने चीन के साथ दोस्ती बढ़ाई, तो वे कनाडा के सामान पर 100% टैक्स (टैरिफ) लगा देंगे।
व्हाइट हाउस का दावा बनाम कार्नी का सच: अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी ने दावा किया था कि फोन कॉल पर कार्नी अपनी बातों से पलट गए हैं। लेकिन कार्नी ने मीडिया के सामने आकर साफ कह दिया— "मैंने जो दावोस में कहा था, वही ट्रंप को भी कह दिया है। हम झुकने वाले नहीं हैं।" कार्नी अब कनाडा की व्यापारिक निर्भरता अमेरिका से कम करके दूसरे देशों के साथ हाथ मिलाने की तैयारी में हैं।