Abu Dhabi/Kyiv: दुनिया जहाँ रूस और यूक्रेन के बीच जंग खत्म होने की उम्मीद लगाए बैठी है, वहीं 24 जनवरी की सुबह यूक्रेन के लिए 'कहर' बनकर टूटी। अबू धाबी में रूस, यूक्रेन और अमेरिका के बीच दूसरे दिन की शांति वार्ता (Peace Talks) शुरू होने से ठीक पहले रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव (Kyiv) और दूसरे सबसे बड़े शहर खारकीव (Kharkiv) पर भीषण हवाई हमले किए।
1. हमलों का तांडव: एनर्जी सेक्टर को बनाया निशाना
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की के अनुसार, रूस ने रात भर में 370 से ज्यादा अटैक ड्रोन और 21 मिसाइलें दागीं। इन हमलों का मुख्य निशाना यूक्रेन का एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर (Energy Sector) रहा।
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कीव (Kyiv): हमले में एक महिला की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए। शहर के कई हिस्सों में बिजली और पानी की सप्लाई ठप हो गई है। मेयर विटाली क्लिट्स्को ने बताया कि लगभग 6,000 घर बिना हीटिंग के हैं, जबकि तापमान -13 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है।
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खारकीव (Kharkiv): यहाँ कम से कम 19 लोग घायल हुए हैं। रूसी ड्रोन ने रिहायशी इमारतों, एक मेडिकल फैसिलिटी और हॉस्टल को निशाना बनाया।
2. अबू धाबी में शांति वार्ता का 'सस्पेंस'
हैरानी की बात यह है कि ये हमले तब हुए जब अबू धाबी में दोनों देशों के डेलिगेट्स टेबल पर बैठे थे।
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ट्रंप का प्लान: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शांति प्रस्ताव पर बातचीत चल रही है।
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विवाद की जड़: रूस की मांग है कि यूक्रेन पूरे डोनबास (Donbas) क्षेत्र से अपनी सेना हटा ले, जिसे यूक्रेन ने सिरे से खारिज कर दिया है।
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यूक्रेन की प्रतिक्रिया: यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबीहा ने इन हमलों को "नीचता" (Cynical) करार देते हुए कहा कि रूस की मिसाइलें सिर्फ लोगों पर नहीं, बल्कि 'नेगोशिएशन टेबल' पर भी गिरी हैं।
3. 'एंकरेज फॉर्मूला' (Anchorage Formula) की चर्चा
रूसी विदेश मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, मॉस्को इस विवाद को 'Anchorage Formula' के तहत सुलझाना चाहता है। यह फॉर्मूला 2025 में ट्रंप और पुतिन के बीच हुई बातचीत से निकला था। इसके तहत रूस चाहता है कि यूक्रेन लुहान्स्क और डोनेट्स्क के उन हिस्सों को भी छोड़ दे जो अभी उसके कब्जे में हैं, ताकि रूस इन्हें औपचारिक रूप से अपना हिस्सा बना सके।
4. ज़ेलेंस्की की ट्रंप से अपील
ज़ेलेंस्की ने टेलीग्राम पर लिखा कि ये हमले साबित करते हैं कि हमें Patriot Missile System और एयर डिफेंस की सख्त जरूरत है। उन्होंने कहा कि "हमने दावोस में राष्ट्रपति ट्रंप के साथ जो एयर डिफेंस डील की थी, उसे अब तुरंत लागू करना होगा।"
UP Halchal Analysis: रूस का यह कदम एक सोची-समझी रणनीति (Strong-arm tactic) लग रहा है। बातचीत की मेज पर अपनी शर्तें मनवाने के लिए वह यूक्रेन के आम नागरिकों और ऊर्जा व्यवस्था को निशाना बना रहा है ताकि यूक्रेन दबाव में आकर समझौता कर ले।