तेहरान / वॉशिंगटन | पिछले कुछ घंटों से फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य के गहरे पानी में जो हलचल मची है, उसने पूरी दुनिया की धड़कनें बढ़ा दी हैं। अमेरिका ने अपने तमाम व्यापारिक जहाजों को एक तरह से 'रेड अलर्ट' पर डाल दिया है। व्हाइट हाउस से जारी सीधे आदेश में साफ कहा गया है कि समंदर के इस रास्ते से गुजरते वक्त अमेरिकी जहाज ईरानी समुद्री सीमा के पास फटकने की गलती भी न करें। यह चेतावनी कोई मामूली बात नहीं है, क्योंकि इसी इलाके से दुनिया के तेल का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। दरअसल, इसके पीछे 3 फरवरी की वह खौफनाक घटना है, जब ईरान के खतरनाक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अपने ड्रोन्स और तेज रफ्तार गनबोट्स के साथ एक अमेरिकी टैंकर को बीच समंदर में घेरने की हिमाकत की थी।
अब हालात यह हैं कि अमेरिका ने अपने कप्तानों को सख्त हिदायत दी है कि वे सुरक्षित ओमान के पानी की तरफ चिपके रहें और अगर ईरानी सैनिक जहाज पर चढ़ने की जिद करें, तो उन्हें सीधे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का आईना दिखा दें। यह सब तब हो रहा है जब एक तरफ डिप्लोमेट्स शांति की मेज पर बैठे हैं और दूसरी तरफ समंदर में जंगी जहाजों की तोपें एक-दूसरे की ओर तनी हुई हैं। अगर यहाँ जरा सी भी चूक हुई या कोई गलतफहमी पैदा हुई, तो यह सिर्फ दो देशों की जंग नहीं होगी, बल्कि पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल की किल्लत शुरू हो जाएगी और शेयर बाजार धड़ाम से गिरेंगे। फिलहाल, समंदर में सन्नाटा तो है, पर उस सन्नाटे में एक बहुत बड़े तूफान की आहट साफ सुनी जा सकती है।