मंगलवार, 17 मार्च 2026
अंतर्राष्ट्रीय

बांग्लादेश चुनाव: छात्रों की 'NCP' पार्टी को मिलीं 6 सीटें, बड़ी उम्मीदों के बीच 'जमात' के साथ गठबंधन पर उठे सवाल

By Uttar World Desk

26 फ़र, 2026 | 11:19 बजे
बांग्लादेश चुनाव: छात्रों की 'NCP' पार्टी को मिलीं 6 सीटें, बड़ी उम्मीदों के बीच 'जमात' के साथ गठबंधन पर उठे सवाल

ढाका। बांग्लादेश में हाल ही में संपन्न हुए आम चुनावों के बाद राजनीतिक गलियारों में छात्रों के नेतृत्व वाली नेशनल सिटीजन पार्टी (NCP) की चर्चा जोरों पर है। 2024 के ऐतिहासिक छात्र आंदोलन से निकली इस पार्टी ने पहली बार चुनावी मैदान में कदम रखा और 6 सीटों पर जीत दर्ज की। अल जजीरा की एक रिपोर्ट के अनुसार, NCP अब खुद को बांग्लादेश की 'तीसरी शक्ति' के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है, लेकिन उसकी राह आसान नहीं है।

आंदोलन से संसद तक का सफर

NCP का गठन फरवरी 2025 में उन छात्र नेताओं द्वारा किया गया था जिन्होंने शेख हसीना की सरकार को उखाड़ फेंकने में मुख्य भूमिका निभाई थी। पार्टी के प्रवक्ता आसिफ महमूद ने इस प्रदर्शन को 'उत्साहजनक' बताया है। उनका कहना है कि मात्र 11 महीने पुरानी पार्टी के लिए संसद में 6 सीटें जीतना एक बड़ी उपलब्धि है।

'जमात-ए-इस्लामी' के साथ गठबंधन: पार्टी में फूट

चुनावों में टिके रहने के लिए NCP ने जमात-ए-इस्लामी के साथ गठबंधन किया था। जमात के नेतृत्व वाले गठबंधन को कुल 77 सीटें मिलीं, जबकि बीएनपी (BNP) ने 212 सीटों के साथ भारी बहुमत हासिल किया। हालांकि, जमात जैसी रूढ़िवादी पार्टी के साथ हाथ मिलाने के फैसले ने NCP के भीतर दरार पैदा कर दी। पार्टी के एक दर्जन से अधिक वरिष्ठ नेताओं ने इस आधार पर इस्तीफा दे दिया कि यह गठबंधन NCP की 'समावेशी और धर्मनिरपेक्ष' विचारधारा के खिलाफ है।

तीसरी शक्ति या केवल एक मोहरा?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि NCP के सामने अब अपनी स्वतंत्र पहचान बनाए रखने की चुनौती है। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि NCP स्वतंत्र रूप से एक भी सीट नहीं जीत पाती अगर उसे जमात का समर्थन न होता। वहीं, पार्टी संयोजक नाहिद इस्लाम, जो अब विपक्ष के मुख्य सचेतक (Chief Whip) हैं, का मानना है कि यह केवल एक शुरुआत है और आने वाले समय में NCP एक बड़े विकल्प के रूप में उभरेगी।

आने वाली परीक्षाएं

पार्टी ने घोषणा की है कि वह आगामी स्थानीय निकाय चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ने की तैयारी कर रही है। यह चुनाव तय करेगा कि NCP वास्तव में बांग्लादेश की 'तीसरी शक्ति' बन पाएगी या वह स्थापित पार्टियों के साये में ही सिमट कर रह जाएगी।

Uttar World News on Facebook

खबरों की पल-पल की अपडेट के लिए हमारे फेसबुक पेज को अभी लाइक करें।

अभी Like करें