बुधवार, 01 अप्रैल 2026
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बांग्लादेश में गहराया ऊर्जा और स्वास्थ्य संकट, सरकार ने लिया कड़ा फैसला

By Uttar World Desk

01 अप्र, 2026 | 12:34 बजे
बांग्लादेश में गहराया ऊर्जा और स्वास्थ्य संकट, सरकार ने लिया कड़ा फैसला

ढाका (उत्तर वर्ल्ड डेस्क): पड़ोसी देश बांग्लादेश इस वक्त एक साथ दो मोर्चों पर बड़ी चुनौतियों का सामना कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और देश के भीतर खसरे (Measles) के बढ़ते प्रकोप ने सरकार की चिंताएं बढ़ा दी हैं। मंगलवार को प्रधानमंत्री तारेक रहमान की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद कई बड़े और कड़े फैसले लिए गए हैं।

1. शिक्षा नीति में बदलाव: 3 दिन ऑनलाइन, 3 दिन स्कूल

वैश्विक ईंधन संकट के कारण ऊर्जा की बचत करने के लिए शिक्षा मंत्रालय ने स्कूल और कॉलेजों के लिए नया 'हाइब्रिड मॉडल' पेश किया है। अब अप्रैल महीने में सभी शिक्षण संस्थान हफ्ते में केवल 3 दिन खुलेंगे, जबकि बाकी 3 दिन पढ़ाई ऑनलाइन मोड में होगी। सरकार का मानना है कि इससे सड़कों पर गाड़ियों का दबाव कम होगा और ईंधन की खपत में बड़ी गिरावट आएगी।

2. पेट्रोल पंपों पर हाहाकार और छापेमारी

देशभर के पेट्रोल पंपों पर तेल की भारी किल्लत देखी जा रही है। पेट्रोल पंप ओनर्स एसोसिएशन का आरोप है कि तेल डिपो से पर्याप्त सप्लाई नहीं मिल रही है।

  • छापेमारी: सरकार ने तेल की कालाबाजारी और अवैध भंडारण रोकने के लिए 'कॉम्बिंग ऑपरेशन' (देशव्यापी छापेमारी) शुरू की है। पिछले 24 घंटों में 87,000 लीटर से ज्यादा अवैध तेल जब्त किया गया है और 391 पम्पों पर केस दर्ज कर भारी जुर्माना लगाया गया है।

  • दाम: राहत की बात यह है कि सरकार ने अप्रैल में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी न करने का फैसला लिया है।

3. खसरे (Measles) का बढ़ता कहर: 38 बच्चों की मौत

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों ने सबको डरा दिया है। इस सीजन में खसरे से अब तक 38 बच्चों की मौत हो चुकी है, जिनमें से 32 मौतें अकेले इसी महीने हुई हैं।

  • टीकाकरण: अस्पतालों में पीडियाट्रिक आईसीयू (PICU) की भारी कमी है। सरकार ने स्थिति को देखते हुए अप्रैल से 6 महीने से अधिक उम्र के बच्चों के लिए विशेष टीकाकरण अभियान चलाने का निर्देश दिया है।

4. अंतरराष्ट्रीय तनाव का साया

ईरान के इस्फ़हान में अमेरिकी 'बंकर बस्टर' हमले और कुवैती तेल टैंकर पर हमले के बाद बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। ऊर्जा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि रूस और अन्य देशों से तेल आयात करने के लिए अमेरिका के साथ बातचीत जारी है ताकि देश में सप्लाई चेन को सुधारा जा सके।

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