बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने निर्वासन में रहते हुए देश की मौजूदा अंतरिम सरकार पर बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस को “हत्यारी और फासीवादी मानसिकता वाला” बताते हुए इसे विदेशी ताकतों की कठपुतली सरकार करार दिया। शेख हसीना ने कहा कि बांग्लादेश की जनता अब इस व्यवस्था से त्रस्त हो चुकी है और लोकतंत्र व संविधान को बचाने के लिए एकजुट होकर आवाज उठाने का समय आ गया है।
शेख हसीना का यह बयान उस दौर में आया है, जब जुलाई 2024 के राजनीतिक आंदोलन के बाद उनकी सरकार गिर गई थी और देश में अंतरिम शासन व्यवस्था लागू हुई। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, आम नागरिकों की सुरक्षा खतरे में है और लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सत्ता परिवर्तन का मुद्दा नहीं, बल्कि बांग्लादेश की संप्रभुता और भविष्य से जुड़ा संघर्ष है।
पूर्व प्रधानमंत्री ने मौजूदा हालात से निपटने के लिए पांच सूत्री योजना का जिक्र भी किया, जिसका उद्देश्य लोकतंत्र की बहाली और संवैधानिक शासन की वापसी बताया गया। हालांकि, योजना के सभी बिंदुओं को विस्तार से सार्वजनिक नहीं किया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शेख हसीना का यह आह्वान बांग्लादेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकता है और आने वाले दिनों में सत्ता संघर्ष और तेज होने की संभावना है।