दुबई/मक्का: रमजान के पवित्र महीने के समापन पर आज पूरी दुनिया में ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जा रहा है। हालांकि, इस साल ईद की खुशियां मध्य पूर्व (Middle East) में जारी भीषण संघर्ष और युद्ध की आहट के बीच कुछ फीकी नजर आईं। अल जज़ीरा की तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि कैसे लोग संकट के इस दौर में भी अपनी आस्था और परंपराओं को सहेजे हुए हैं।
मलबे के बीच अदा की गई नमाज: युद्ध प्रभावित क्षेत्रों, विशेषकर गाजा और सीरिया के कुछ हिस्सों में, लोगों ने तबाह हो चुकी मस्जिदों के बाहर और मलबे के बीच ईद की नमाज अदा की। इन तस्वीरों ने पूरी दुनिया को भावुक कर दिया है। बच्चों के हाथों में खिलौनों के बजाय एक अनजाना डर है, लेकिन बड़ों के चेहरों पर शांति और अमन की उम्मीद अभी भी कायम है।
खाड़ी देशों में सादगी और दुआ: सऊदी अरब, कतर और यूएई जैसे देशों में, जहाँ हाल ही में ऊर्जा ठिकानों पर हमले हुए हैं, वहां ईद की रौनक में सादगी देखी गई। मस्जिदों में विशेष दुआएं मांगी गईं कि क्षेत्र में जारी हिंसा जल्द समाप्त हो और मानवता की जीत हो। भारत और अन्य एशियाई देशों में भी ईद का उत्साह देखने को मिला, जहाँ लोगों ने एक-दूसरे के गले मिलकर भाईचारे का संदेश दिया।
एकता का संदेश: यह ईद दुनिया को यह याद दिलाती है कि कठिन से कठिन समय में भी धर्म और संस्कृति लोगों को जोड़ने का काम करती है। उत्तर वर्ल्ड (Uttar World) की पूरी टीम की ओर से हमारे सभी पाठकों को ईद-उल-फितर की तहे दिल से मुबारकबाद। खुदा करे कि यह त्योहार पूरी दुनिया में शांति और खुशहाली लेकर आए।