गाज़ा सिटी: राफ़ा बॉर्डर खुलने से ठीक एक दिन पहले इज़रायल की भारी बमबारी में कम से कम 31 फ़िलिस्तीनी मारे गए हैं। मरने वालों में 6 बच्चे और कई पुलिस अधिकारी शामिल हैं। यह हमला तब हुआ है जब कागज़ों पर सीज़फायर (युद्धविराम) चल रहा है।
अल-मवासी (खान यूनिस): शनिवार को बेघर लोगों के एक तंबू (Tent) पर हवाई हमला हुआ। इसमें 3 बच्चों सहित 7 लोग मारे गए। शवों को नासिर मेडिकल कॉम्प्लेक्स ले जाया गया है।
रिमल (गाज़ा सिटी): एक अपार्टमेंट बिल्डिंग पर हुए हमले में एक माँ और उसके बच्चों सहित 5 लोगों की मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाका इतना तेज़ था कि पूरा इलाका धूल के काले गुबार से भर गया।
दराज इलाका: यहाँ भी एक रिहायशी इमारत पर बमबारी हुई जिसमें 8 लोग ज़ख्मी हुए।
रविवार को महीनों बाद पहली बार राफ़ा बॉर्डर खुलने वाला है, लेकिन इज़रायल ने कड़े नियम लगा दिए हैं, इज़रायल ने कहा है कि वह केवल उन लोगों को आने-जाने देगा जिन्हें सुरक्षा मंज़ूरी (Clearance) मिली होगी। सबसे बड़ी बात यह है कि बॉर्डर से कोई भी मानवीय सहायता, खाना या दवाइयाँ अंदर नहीं जाने दी जाएंगी। गाज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि दवाइयाँ खत्म हो रही हैं और घायलों को इलाज के लिए बाहर भेजना बहुत ज़रूरी है।
संयुक्त राष्ट्र (UNRWA) के प्रमुख फिलिप लाज़ारिनी ने इसे "सिर्फ नाम का सीज़फायर" बताया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जब से अमेरिका की मध्यस्थता में यह युद्धविराम शुरू हुआ है, तब से इज़रायली सेना 524 फ़िलिस्तीनियों को मार चुकी है। इज़रायल का दावा है कि ये हमले शुक्रवार को टनल से निकले हमास लड़ाकों के जवाब में किए गए हैं।