मंगलवार, 17 मार्च 2026
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इराक सरकार का बड़ा कदम; सीरिया की जेलों से 5,000 से अधिक ISIL आतंकी ट्रांसफर, सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर

By Uttar World Desk

13 फ़र, 2026 | 08:28 बजे
इराक सरकार का बड़ा कदम; सीरिया की जेलों से 5,000 से अधिक ISIL आतंकी ट्रांसफर, सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर

बगदाद: इराक के आंतरिक मंत्रालय (Ministry of Interior) ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि पड़ोसी देश सीरिया के हिरासत केंद्रों से 5,000 से अधिक ISIL (ISIS) कैदियों को वापस इराक स्थानांतरित कर दिया गया है। इस बड़े सुरक्षा ऑपरेशन का उद्देश्य क्षेत्र में आतंकवाद के खतरे को कम करना और इन लड़ाकों पर कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित करना है।

खतरनाक लड़ाकों की घर वापसी इराकी मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, स्थानांतरित किए गए लोगों में आईएसआईएल (ISIL) के कट्टर लड़ाके और उनके परिवार के सदस्य शामिल हैं, जो लंबे समय से सीरिया के उत्तर-पूर्वी हिस्से में कुर्द नेतृत्व वाली सेना (SDF) की हिरासत में थे। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, यह स्थानांतरण इराक और सीरियाई डेमोक्रेटिक फोर्सेस (SDF) के बीच हुए एक सुरक्षा समझौते के तहत किया गया है।

सुरक्षा को लेकर चिंताएं इतनी बड़ी संख्या में आतंकवादियों की वापसी ने इराक में सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है। हालांकि, इराकी अधिकारियों का कहना है कि इन कैदियों को कड़ी सुरक्षा वाली जेलों में रखा गया है और इनकी पहचान व जांच की प्रक्रिया (Vetting Process) शुरू कर दी गई है। जिन पर गंभीर अपराधों के आरोप हैं, उन पर इराकी कानूनों के तहत मुकदमा चलाया जाएगा।

क्यों महत्वपूर्ण है यह कदम?

  1. सीरियाई जेलों पर दबाव कम करना: सीरिया की अल-होल (Al-Hol) जैसी जेलों में क्षमता से अधिक कैदी होने के कारण वहां से विद्रोह या भागने (Jailbreak) का खतरा बना रहता था।

  2. अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी: इराक लंबे समय से अपने नागरिकों को वापस लाने के अंतरराष्ट्रीय दबाव का सामना कर रहा था, जो आईएसआईएल में शामिल होने के लिए सीरिया गए थे।

  3. आतंकवाद का खात्मा: इराक सरकार का मानना है कि इन कैदियों पर अपनी सरजमीं पर मुकदमा चलाकर वह आतंकवाद के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर सकेगी।

इराक में 'स्लीपर सेल' का खतरा भले ही आईएसआईएल को 2017 में इराक में आधिकारिक तौर पर हरा दिया गया था, लेकिन इसके छोटे समूह (Sleeper Cells) अभी भी देश के दूर-दराज के इलाकों में सक्रिय हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि 5,000 कैदियों की वापसी के बाद खुफिया एजेंसियों को और अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता होगी।

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