इजरायल सरकार ने एक चौंकाने वाले फैसले में पांच फिलिस्तीनी मीडिया आउटलेट्स को आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है। इजरायली रक्षा मंत्रालय का दावा है कि ये संस्थान पत्रकारिता की आड़ में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे थे। इस फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रेस की आजादी को लेकर बहस छिड़ गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इन संस्थानों पर आरोप है कि वे हमास या अन्य प्रतिबंधित संगठनों के साथ मिलकर काम कर रहे थे। हालांकि, मानवाधिकार संगठनों और पत्रकारों ने इस कदम की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि यह सच बोलने वाली आवाजों को दबाने की एक कोशिश है।
इस फैसले के बाद इन मीडिया संस्थानों के दफ्तरों को बंद किया जा सकता है और उनके बैंक खातों को फ्रीज किया जा सकता है। मिडिल ईस्ट में तनाव पहले से ही चरम पर है, और इजरायल के इस कदम ने आग में घी डालने का काम किया है।
क्या यह सुरक्षा का मामला है या मीडिया की आजादी पर हमला? दुनिया भर की ऐसी ही बड़ी खबरों के लिए जुड़े रहें UttarWorld के साथ।