मंगलवार, 17 मार्च 2026
अंतर्राष्ट्रीय

इज़राइल का लेबनान पर ऑल-आउट अटैक हिजबुल्लाह के रॉकेट हमलों के बाद बेरूत में भीषण तबाही हजारों का पलायन

By Uttar World Desk

02 मा, 2026 | 11:45 बजे
इज़राइल का लेबनान पर ऑल-आउट अटैक हिजबुल्लाह के रॉकेट हमलों के बाद बेरूत में भीषण तबाही हजारों का पलायन

बेरूत: पूरी दुनिया की नजरें इस वक्त ईरान पर हैं, लेकिन इसी बीच इज़राइल और लेबनान के बीच की जंग अब तक के सबसे खतरनाक स्तर पर पहुँच गई है। Al Jazeera की फीचर रिपोर्ट के अनुसार, हिजबुल्लाह द्वारा इज़राइली सैन्य ठिकानों पर किए गए बड़े रॉकेट हमलों के जवाब में इज़राइल ने 'ऑपरेशन नॉर्दर्न शील्ड' को और तेज कर दिया है। लेबनान की राजधानी बेरूत से लेकर दक्षिणी सीमाओं तक सिर्फ धुआं और धमाके सुनाई दे रहे हैं। 

UttarWorld की इस रिपोर्ट में जानिए लेबनान के मौजूदा जमीनी हालात : इज़राइल के हमलों से बौखलाए हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसने उत्तरी इज़राइल के महत्वपूर्ण सैन्य अड्डों और बंदरगाहों पर सैकड़ों मिसाइलें दागी हैं। इस हमले ने इज़राइल के 'आयरन डोम' (Air Defense System) को भी भारी चुनौती दी है, जिसके कारण इज़राइल ने लेबनान पर अपनी सैन्य कार्रवाई को कई गुना बढ़ा दिया है।

इज़राइली लड़ाकू विमानों ने लेबनान के रिहायशी इलाकों में छिपे हिजबुल्लाह के कमांड सेंटर्स को निशाना बनाया है। लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों (Dahiyeh) पर भारी बमबारी की गई है। दक्षिणी लेबनान से अब तक लगभग 2 लाख से ज्यादा लोग अपना घर छोड़कर उत्तर की ओर भागने को मजबूर हुए हैं। सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतारें और अफरा-तफरी का माहौल है।

लेबनान, जो पहले से ही आर्थिक कंगाली से जूझ रहा था, अब पूरी तरह मलबे में तब्दील हो रहा है। अस्पतालों में घायलों की भीड़ है और दवाओं व बिजली की भारी किल्लत हो गई है। संयुक्त राष्ट्र (UN) ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही युद्धविराम नहीं हुआ, तो लेबनान में सदी का सबसे बड़ा मानवीय संकट पैदा हो सकता है।

इज़राइली प्रधानमंत्री ने साफ कर दिया है कि जब तक उत्तरी इज़राइल के नागरिक अपने घरों को वापस नहीं लौट जाते और हिजबुल्लाह का खतरा खत्म नहीं हो जाता, तब तक लेबनान पर हमले नहीं रुकेंगे। इज़राइल अब लेबनान के अंदर 'ग्राउंड इन्वेजन' (जमीनी हमला) की तैयारी भी कर रहा है।

इज़राइल का एक साथ दो मोर्चों (ईरान और लेबनान) पर लड़ना दुनिया को एक बड़े संकट में डाल रहा है। भारत के लिए चिंता की बात लेबनान में फंसे भारतीय नागरिक और 'UNIFIL' (संयुक्त राष्ट्र शांति सेना) में तैनात भारतीय सैनिक हैं। यदि लेबनान पूरी तरह अस्थिर होता है, तो इसका असर वैश्विक व्यापार मार्गों पर भी पड़ेगा।

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