इस्लामाबाद / काबुल: दक्षिण एशिया में स्थिति तब विस्फोटक हो गई है जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच चल रहा सीमा विवाद अब 'पूर्ण युद्ध' (Open War) में तब्दील हो गया है। डूरंड रेखा (Durand Line) के दोनों ओर भीषण सैन्य संघर्ष जारी है। पाकिस्तान ने काबुल और अफगानिस्तान के अन्य शहरों को निशाना बनाते हुए एयर स्ट्राइक की है, जिसके जवाब में तालिबान ने भी ड्रोन हमलों और जमीनी जवाबी कार्रवाई की बात कही है।
हवाई हमले और जवाबी कार्रवाई: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने स्पष्ट कर दिया है कि पाकिस्तान का 'धैर्य अब खत्म हो चुका है'। वहीं, अफगानिस्तान के तालिबान प्रशासन का कहना है कि वे 'वैध और जिम्मेदार' सैन्य कार्रवाई कर रहे हैं।
बड़ी जनहानि का दावा: पाकिस्तानी सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने दावा किया है कि पाकिस्तान ने 331 तालिबान लड़ाकों को मार गिराया है और 104 चौकियों को नष्ट कर दिया है। हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है। दूसरी ओर, अफगान मीडिया (TOLOnews) ने रिपोर्ट दी है कि पाकिस्तान का एक लड़ाकू विमान मार गिराया गया है और पायलट को पकड़ लिया गया है।
आम नागरिकों पर असर: कुनार प्रांत के असदाबाद में पाकिस्तानी गोलाबारी में 9 नागरिकों की मौत की खबर है, जिससे मानवीय संकट गहरा गया है। संयुक्त राष्ट्र ने इसे लेकर गंभीर चिंता जताई है।
पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल उसके खिलाफ 'आतंकवादी गतिविधियों' के लिए किया जा रहा है। पाकिस्तानी प्रवक्ता ने साफ तौर पर कहा है, "अब कोई बातचीत नहीं होगी। आतंकवाद को खत्म करना ही एकमात्र रास्ता है।" दूसरी ओर, तालिबान का कहना है कि वे अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए सैन्य कार्रवाई कर रहे हैं।
ईरान और सऊदी अरब: दोनों देशों ने तनाव कम करने के लिए राजनयिक स्तर पर बातचीत शुरू करने का आह्वान किया है।
यूरोपीय संघ (EU): यूरोपीय संघ ने चेतावनी दी है कि इस संघर्ष का असर पूरे क्षेत्र की स्थिरता पर पड़ेगा और तत्काल युद्धविराम की मांग की है।
अमेरिका: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान की स्थिति पर संतोष जताते हुए उसे "शानदार" बताया है। हालांकि, अमेरिकी मिशन ने अपने नागरिकों को क्षेत्र में 'सतर्क' रहने की सलाह दी है।
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू जिले में 'आपातकाल' घोषित कर दिया गया है। स्कूलों को बंद कर दिया गया है और सीमावर्ती इलाकों से लोगों का पलायन शुरू हो गया है। यदि यह स्थिति जारी रहती है, तो न केवल व्यापारिक गलियारे बंद होंगे, बल्कि अफगानिस्तान का मानवीय संकट और विकराल रूप ले लेगा।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान का यह संघर्ष महज सीमा विवाद नहीं रह गया है, यह एक 'क्षेत्रीय संकट' बन चुका है। आने वाले कुछ दिन यह तय करेंगे कि क्या दोनों देश कूटनीति के रास्ते पर लौटेंगे या यह दक्षिण एशिया को एक लंबे और विनाशकारी युद्ध की आग में झोंक देगा।