क्वेटा/इस्लामाबाद: पाकिस्तान का अशांत प्रांत बलूचिस्तान एक बार फिर दहल उठा है। शनिवार तड़के संदिग्ध अलगाववादियों ने राज्य के कई शहरों में एक साथ 'कोऑर्डिनेटेड' (तालमेल के साथ) हमले किए, जिसमें कम से कम 8 पुलिसकर्मियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, इन हमलों में कई अन्य सुरक्षाकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने प्रांतीय राजधानी क्वेटा और उसके आसपास के इलाकों में कई पुलिस स्टेशनों को निशाना बनाया। यह हमला सुबह करीब 3 बजे शुरू हुआ, जब हथियारबंद हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग की और ग्रेनेड फेंके। सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद इलाके में काफी देर तक मुठभेड़ चलती रही।
स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि इस हमले के पीछे प्रतिबंधित बलूच अलगाववादी संगठनों का हाथ है। हालांकि, अभी तक किसी विशेष समूह ने आधिकारिक तौर पर इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन जिस तरह से एक साथ कई जगहों पर हमले किए गए, वह बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) जैसे समूहों के काम करने के तरीके से मेल खाता है।
घटना के बाद पूरे बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। क्वेटा जाने वाले सभी रास्तों पर नाकेबंदी कर दी गई है और संदिग्धों की तलाश में सर्च ऑपरेशन जारी है। अस्पताल के सूत्रों का कहना है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि कुछ घायलों की हालत बेहद नाजुक है।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान पहले से ही चरमपंथ और आर्थिक अस्थिरता से जूझ रहा है। बलूचिस्तान में बढ़ती हिंसा ने चीनी निवेश वाली परियोजनाओं (CPEC) और स्थानीय सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।