गाजा/मिस्र (रफा बॉर्डर): गाजा में चल रहे लंबे युद्ध और संघर्ष के बीच इजरायल पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ता जा रहा है ताकि वह गाजा-मिस्र सीमा पर स्थित रफाह क्रॉसिंग (Rafah Crossing) को जल्द खोले — खासकर जब अमेरिका-मध्यस्थता वाली संघर्ष विराम योजना की अगली कड़ी पर काम चल रहा है।
फिलहाल इजरायल की सेना गाजा में अंतिम बंधक के अवशेष ढूँढने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चला रही है, जिसे ढूँढे बिना रफाह सीमा को छोड़ने का पूर्ण निर्णय नहीं लिया जाएगा, कहते हैं इजरायली अधिकारियों ने। इस अभियान का सीधा संबंध युद्ध विराम व्यवस्था और सीमा खोलने की प्रक्रिया से जोड़ा जा रहा है।
इज़राइल ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही रिमांस ऑफ़ लास्ट होस्टेज (Ran Gvili) — जो अंतिम बंधक है — को ढूँढ लिया जाएगा, वह रफाह क्रॉसिंग को सीमित रूप से खोलने के लिए तैयार है। इसके तहत मुख्य रूप से पैदल चलने वालों के लिए ही सीमित प्रवेश की अनुमति दी जा सकती है और सख्त निरीक्षण द्वारा नियंत्रण भी रखा जाएगा।
यह कदम अमेरिका के 20-बिंदु शांति समझौते के दूसरे चरण से जुड़ा है, जिसमें रफाह सीमा खोलना, गाजा में सैनिकों का पीछे हटना और स्थानीय प्रशासन संबंधी बदलाव शामिल हैं। हालांकि इजरायल के घर पर ही कुछ रुख सख्त बने हुए हैं, खासकर यह सवाल उठ रहा है कि कितना बड़ा खुलापन देने के लिए वह तैयार है।
इस बीच अमेरिका के वरिष्ठ राजनयिकों ने खुद तेल अवीव में नेतन्याहू से इस मुद्दे पर बातचीत की, ताकि रफाह सीमा को जल्द खोला जा सके और युद्ध के दौरान फँसे लोगों को राहत और सहायता मिल सके।
रफाह क्रॉसिंग गाजा के 20 लाख से अधिक निवासियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्रवेश-निकास बिंदु है, और इसे खोलने से सहायता सामग्री, भोजन, दवा और जरूरी सामग्रियों का प्रवाह बढ़ सकता है। फिलहाल यह सीमा 2024 से इजरायली सैन्य नियंत्रण में है और खुलने के लिए कई राजनीतिक और कूटनीतिक मोड़ों से गुजरना बाकी है।