जेनेवा/कीव: अमेरिका की मध्यस्थता में स्विट्जरलैंड के जेनेवा (Geneva) में चल रही रूस-यूक्रेन शांति वार्ता पर एक बार फिर युद्ध के काले बादल मंडराने लगे हैं। शनिवार (14 फरवरी 2026) को जब दोनों देशों के प्रतिनिधि टेबल पर समाधान ढूंढने की कोशिश कर रहे थे, उसी दौरान सीमा पर हुए भीषण ड्रोन हमलों (Drone Strikes) ने पूरी प्रक्रिया को संकट में डाल दिया है।
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, वार्ता शुरू होने के कुछ ही घंटों बाद यूक्रेन और रूस के सीमावर्ती इलाकों में कई घातक ड्रोन हमले हुए। इन हमलों में नागरिक और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें कई लोगों के मारे जाने की खबर है। हमलों की खबर मिलते ही जेनेवा में मौजूद राजनयिकों के बीच तनाव पैदा हो गया।
अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारियों की कोशिश थी कि इस वैलेंटाइन डे पर दोनों देश कम से कम एक 'सीजफायर' (युद्धविराम) पर सहमत हो जाएं। लेकिन जमीनी स्तर पर जारी हिंसा ने इन उम्मीदों को बड़ा झटका दिया है।
यूक्रेनी प्रतिनिधियों ने रूस पर 'धोखे' का आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ रूस शांति की बात कर रहा है और दूसरी तरफ रिहायशी इलाकों पर बमबारी कर रहा है। वहीं क्रेमलिन ने इन हमलों को यूक्रेन की उकसावे वाली कार्रवाई बताया है।
वर्तमान स्थिति को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि वार्ता किसी नतीजे पर पहुंचे बिना स्थगित हो सकती है। अमेरिकी मध्यस्थ इस समय दोनों पक्षों को शांत करने और बातचीत को जारी रखने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बढ़ते हताहतों की संख्या ने माहौल को बेहद कड़वा बना दिया है।