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सऊदी अरब ने सीरिया में ऐतिहासिक युद्धविराम का किया स्वागत, सालों पुराने खूनी संघर्ष पर लगेगी लगाम

By Uttar World Desk

30 जन, 2026 | 11:07 बजे
सऊदी अरब ने सीरिया में ऐतिहासिक युद्धविराम का किया स्वागत, सालों पुराने खूनी संघर्ष पर लगेगी लगाम

रियाद/दमिश्क: मध्य पूर्व (Middle East) में शांति की दिशा में आज एक बहुत बड़ी कामयाबी मिली है। सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने सीरियाई सरकार और सीरियाई डेमोक्रेटिक फोर्सेस (SDF) के बीच हुए व्यापक युद्धविराम (Ceasefire) समझौते का पुरज़ोर स्वागत किया है। सऊदी अरब ने उम्मीद जताई है कि यह समझौता सीरिया में वर्षों से जारी अस्थिरता और हिंसा को समाप्त कर शांति, सुरक्षा और स्थिरता के एक नए युग की शुरुआत करेगा।

सऊदी अरब का आधिकारिक बयान

सऊदी विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि किंगडम इस समझौते को सीरियाई लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानता है। मंत्रालय ने सीरिया की संप्रभुता, एकता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए सीरियाई सरकार द्वारा किए जा रहे सभी प्रयासों के प्रति अपना पूर्ण समर्थन दोहराया।

 

समझौते की मुख्य शर्तें: क्या-क्या बदला?

शुक्रवार को हुए इस ऐतिहासिक समझौते के तहत सीरियाई सरकार और कुर्द नेतृत्व वाली SDF ने न केवल युद्धविराम किया है, बल्कि अपनी सैन्य और प्रशासनिक संस्थाओं के एकीकरण (Integration) पर भी सहमति जताई है। इस समझौते के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:

  1. सैनिकों की वापसी: देश के उत्तरी हिस्से में अग्रिम मोर्चों (Front lines) पर जमा सेनाएं अब पीछे हटेंगी।

  2. सुरक्षा का ज़िम्मा: अल-हसाका और कमिशली जैसे पूर्वोत्तर शहरों के केंद्रों में अब आंतरिक मंत्रालय (Interior Ministry) की सुरक्षा बल तैनात होंगे।

  3. सैन्य एकीकरण: स्थानीय सुरक्षा बलों का आपस में विलय किया जाएगा। इसके अलावा, एक नई सैन्य डिवीजन बनाई जाएगी जिसमें SDF की तीन ब्रिगेड शामिल होंगी।

  4. कोबानी (Ain Al-Arab) का प्रशासन: कोबानी शहर के लिए एक विशेष ब्रिगेड बनाई जाएगी, जो सीधे अलेप्पो गवर्नरेट के अधीन काम करेगी।

क्यों हुआ यह समझौता?

यह समझौता तब हुआ है जब राष्ट्रपति अहमद अल-शरा (Ahmad Al-Sharaa) के नेतृत्व में सीरियाई सरकारी बलों ने इस महीने SDF से उत्तरी और पूर्वी सीरिया के बड़े हिस्से को वापस छीन लिया था। इसके बाद कुर्द बलों को एक छोटे से इलाके में सिमटने पर मजबूर होना पड़ा, जिससे बातचीत का रास्ता खुला।

सऊदी अरब और अमेरिका की भूमिका

सऊदी अरब ने इस तनाव को कम करने और समझौते तक पहुँचने में अमेरिका द्वारा किए गए प्रयासों की भी सराहना की है। किंगडम ने स्पष्ट किया कि वह सीरियाई संकट के राजनीतिक समाधान के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहा है, जिससे सीरियाई नागरिकों को सुरक्षा मिल सके और क्षेत्र में आतंकवाद का खात्मा हो।

सीरियाई जनता के लिए इसके क्या मायने हैं?

सालों से युद्ध की मार झेल रही सीरियाई जनता के लिए यह खबर किसी वरदान से कम नहीं है। युद्धविराम का मतलब है कि अब मानवीय सहायता (Humanitarian Aid) उन इलाकों तक आसानी से पहुँच सकेगी जहाँ अब तक संघर्ष जारी था। साथ ही, प्रशासनिक सेवाओं के एकीकरण से आम नागरिकों को सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल पाएगा।

#بيان | تعرب وزارة الخارجية عن ترحيب المملكة العربية السعودية بالبيان الصادر عن الحكومة السورية بشأن اتفاق وقف إطلاق النار بين الحكومة السورية وقوات سوريا الديمقراطية (قسد)، بموجب اتفاق شامل يتضمن دمج مؤسسات الإدارة الذاتية ضمن مؤسسات الدولة السورية. pic.twitter.com/yluws9TFGT

— وزارة الخارجية 🇸🇦 (@KSAMOFA) January 30, 2026

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